Ganpat Krishna Yadav Success Story: सफलता की राह कभी आसान नहीं होती, लेकिन जो लोग सपनों के लिए लगातार संघर्ष करते हैं, वे एक दिन इतिहास रच देते हैं. ऐसी ही मिसाल हैं गणपत कृष्ण यादव. आर्थिक तंगी, कम उम्र में शादी, परिवार की जिम्मेदारियां और बार-बार मिली असफलताओं के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और आखिरकार यूपीएससी परीक्षा पास कर अधिकारी बनने का सपना साकार कर दिखाया.
ईंट भट्ठों पर किया मजदूरी का काम
गणपत यादव एक साधारण परिवार से हैं. उनके परिवार में शिक्षा का माहौल नहीं था और जीविका चलाने के लिए परिवार के सदस्य मजदूरी करते थे. बचपन में गणपत भी पिता के साथ ईंट भट्ठों पर जाते थे और ऊंटगाड़ी से ईंटें ढोने का काम करते थे. पढ़ाई के साथ-साथ मजदूरी करना उनकी मजबूरी थी, लेकिन उन्होंने कभी पढ़ना नहीं छोड़ा.
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सरकारी स्कूल से पढ़ाई, जल्दी हो गई शादी
उनकी शुरुआती पढ़ाई सरकारी स्कूल में हुई. 10वीं कक्षा में अच्छे अंक लाने के बावजूद उनकी कम उम्र में शादी कर दी गई. शादी के बाद भी गणपत ने परिवार की जिम्मेदारियों के बीच पढ़ाई जारी रखी और कुछ बड़ा हासिल करने का सपना जिंदा रखा. 12वीं के बाद इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की और नौकरी करने लगे. लेकिन मन में प्रशासनिक सेवा में जाने का सपना था.
इसी सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने नौकरी छोड़ी, गांव लौटे और खेती करने लगे. खेती के साथ-साथ यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी. तब एक समय ऐसा भी था, जब गांव के लोग ताने देते थे. लेकिन उनका आत्मविश्वास कमजोर नहीं पड़ा.
यूपीएससी की तैयारी के दौरान गणपत को लगातार 5 बार असफलता का सामना करना पड़ा. कई लोग इतने प्रयासों के बाद हार मान लेते हैं, लेकिन उन्होंने अपनी मेहनत जारी रखी.
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कब मिली सफलता
साल 2022 में उनके संघर्ष का फल उन्हें मिला. छठे प्रयास में उन्होंने यूपीएससी परीक्षा सफलतापूर्वक पास कर ली. इसके बाद उनकी नियुक्ति इंडियन रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स सर्विस (IRPFS) में असिस्टेंट सिक्योरिटी कमिश्नर के पद पर हुई.
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