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जॉब इंटरव्यू में फैमिली प्लानिंग के बारे में पूछना कितना सही? जानें ऐसा होने पर क्या कर सकती हैं आप

Personal Questions during job interview : इंटरव्यू के दौरान किसी भी उम्मीदवार से उसकी शादी, परिवार या प्रेग्नेंसी से जुड़े सवाल पूछना अनुचित माना जाता है. यह न केवल पर्सनल प्राइवेसी का उल्लंघन है, बल्कि भेदभाव की श्रेणी में भी आ सकता है.

जॉब इंटरव्यू में फैमिली प्लानिंग के बारे में पूछना कितना सही? जानें ऐसा होने पर क्या कर सकती हैं आप
इंटरव्यू के दौरान पर्सनल सवाल

Personal Questions During Job Interview: आज के समय में नौकरी के इंटरव्यू केवल उम्मीदवार की योग्यता, अनुभव और स्किल्स पर आधारित होने चाहिए. लेकिन कई बार उम्मीदवारों को निजी जिंदगी से जुड़े सवालों का सामना करना पड़ता है. ऐसा ही एक मामला हाल ही में एक महिला कैंडिडेट ने शेयर किया है, जिसने इंटरव्यू के दौरान पूछे गए एक निजी सवाल को लेकर असहजता जताई है. यह घटना न सिर्फ प्रोफेशनल एथिक्स पर सवाल खड़े करती है, बल्कि वर्कप्लेस में मौजूद पुरानी और भेदभावपूर्ण सोच को भी उजागर करती है. ऐसे में यह जानना जरूरी है कि इस स्थिति में उम्मीदवार क्या कदम उठा सकते हैं.

इंटरव्यू में पूछा गया निजी सवाल

कैंडिडेट ने बताया कि वह एक नामी कंपनी में सीनियर कोऑर्डिनेटर पद के लिए इंटरव्यू दे रही थीं. शुरुआत में बातचीत अच्छी चल रही थी, लेकिन अचानक हायरिंग मैनेजर ने उनसे पूछा कि क्या आने वाले एक-दो साल में उनकी जिंदगी में कोई बड़ा बदलाव, जैसे शादी या फैमिली प्लानिंग, होने वाला है. इस सवाल ने उन्हें असहज कर दिया.

उन्होंने कहा कि आज के समय में इस तरह का सवाल किसी भी प्रोफेशनल इंटरव्यू में पूछा जाना गलत और पुरानी सोच को दिखाता है.

सवाल के पीछे छिपी चिंता

जब कैंडिडेट ने जवाब दिया कि वह फिलहाल अपने करियर पर फोकस कर रही हैं, तो इंटरव्यू लेने वाले ने आगे कहा कि कंपनी को ऐसा व्यक्ति चाहिए जो काम में लगातार बना रहे और लंबी छुट्टी न ले. इससे कैंडिडेट को समझ आ गया कि यह सवाल दरअसल उनके संभावित मैटरनिटी लीव को लेकर था. इस तरह के इनडायरेक्ट सवाल यह संकेत देते हैं कि कुछ कंपनियां अब भी महिला कर्मचारियों को उनकी फैमिली प्लानिंग के आधार पर आंकती हैं.

करियर और आत्मसम्मान के बीच दुविधा

यह स्थिति कैंडिडेट के लिए और भी मुश्किल हो गई क्योंकि वह पिछले चार महीनों से नौकरी की तलाश कर रही थीं. उन्हें कंपनी और काम दोनों पसंद आए थे, लेकिन इस अनुभव ने उनके मन में संदेह पैदा कर दिया. अब उनके सामने दुविधा है कि क्या वह इस मामले की शिकायत करें या चुप रहें. उन्हें डर है कि आवाज उठाने पर नौकरी का अवसर हाथ से निकल सकता है. इसके साथ ही वह यह भी सोच रही हैं कि क्या ऐसे माहौल में काम करना सही होगा जहां निजी जिंदगी को बोझ माना जाता है.

क्या 2026 में भी यही स्थिति है?

इस घटना ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. क्या आज भी वर्कप्लेस पर ऐसी मानसिकता मौजूद है? कैंडिडेट ने अपनी पोस्ट में निराशा जताते हुए लिखा कि 2026 में भी इस तरह के सवाल पूछे जाना चौंकाने वाला है.

आपको क्या करना चाहिए 

इंटरव्यू के दौरान किसी भी उम्मीदवार से उसकी शादी, परिवार या प्रेग्नेंसी से जुड़े सवाल पूछना अनुचित माना जाता है. यह न केवल पर्सनल प्राइवेसी का उल्लंघन है, बल्कि भेदभाव की श्रेणी में भी आ सकता है. यह मामला दिखाता है कि प्रोफेशनल माहौल में बदलाव की अभी भी जरूरत है. कंपनियों को चाहिए कि वे उम्मीदवारों की योग्यता और क्षमता के आधार पर निर्णय लें, न कि उनकी निजी जिंदगी के आधार पर. वहीं, उम्मीदवारों को भी अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहना जरूरी है.

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