दक्षिण गुजरात के कई हिस्सों में भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं. बारिश से नवसारी और वलसाड जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं. सूरत, अहमदाबाद, खेड़ा, तापी और डांग में हो रही मूसलाधार बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. अधिकारियों के अनुसार, प्रभावित जिलों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य के आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीम तैनात की गई है. नवसारी और वलसाड जिलों में सेना की दो टुकड़ियों को भी तैनात किया गया है. भारी बारिश को देखते हुए स्कूल और कॉलेज बंद रखने का फैसला लिया गया है.
कैबिनेट मंत्री जीतू वाघानी ने बताया कि राहत आयुक्त गौरांग मकवाणा ने शुक्रवार को सभी प्रभावित जिलों में स्कूल और कॉलेज बंद रखने की घोषणा की है. आदेश के दौरान निजी और सरकारी स्कूल इस दौरान बंद रखें जाएंगे. गांधीनगर स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) के अनुसार, वलसाड जिले की उमरगांव तालुका में बुधवार सुबह 6 बजे से बृहस्पतिवार शाम 6 बजे तक 36 घंटों के भीतर 1,200 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई.
नवसारी जिले का बुरा हाल
राहत आयुक्त गौरांग मकवाणा ने कहा, 'अब तक वलसाड में 12,000 से अधिक और नवसारी में 10,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. नवसारी जिले में विभिन्न स्थानों पर फंसे 50 से अधिक लोगों को और वलसाड में 200 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया है. उमरगांव तालुका में लगभग 1,200 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है. वलसाड, नवसारी और सूरत की सभी नदियां उफान पर हैं, जिससे आसपास के इलाकों और गांवों में पानी भर गया है.
सड़कों पर जलभराव
दक्षिण गुजरात के जिलों के अलावा, अहमदाबाद और खेड़ा जिलों में भी बृहस्पतिवार को मूसलाधार बारिश हुई. अहमदाबाद में भारी बारिश के कारण कई आवासीय सोसायटियों और सड़कों पर जलभराव हो गया. शहर में लोग लंबे ट्रैफिक जाम में फंसे रहे.
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