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DU में अभी भी 13,433 सीटें खाली, हिंदू कॉलेज और हंसराज समेत टॉप कॉलेजों में एडमिशन का मौका

DU Admission 2026 : दिल्ली यूनिवर्सिटी में UG एडमिशन के कई राउंड पूरे होने के बावजूद 13,433 सीटें अभी भी खाली हैं. हिंदू कॉलेज, हंसराज कॉलेज और SRCC जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में भी सीटें बची हैं. स्पॉट राउंड के जरिए छात्रों को प्रवेश का एक और मौका मिलेगा.

DU में अभी भी 13,433 सीटें खाली, हिंदू कॉलेज और हंसराज समेत टॉप कॉलेजों में एडमिशन का मौका
हंसराज कॉलेज में खाली सीटों की संख्या ज़्यादा है; यहाँ 19 प्रोग्राम में कुल 79 सीटें खाली हैं.

DU Spot Round 2026 : एडमिशन के कई राउंड के बाद भी दिल्ली यूनिवर्सिटी में अंडरग्रेजुएट लेवल पर लगभग 13,400 सीटें खाली हैं. इनमें हिंदू कॉलेज, हंसराज कॉलेज और SRCC जैसे यूनिवर्सिटी के जाने-माने कॉलेज भी शामिल हैं. ये खाली सीटें 1,160 कॉलेज-प्रोग्राम कॉम्बिनेशन में हैं और इनमें कई ऐसे कोर्स भी हैं जिनमें दर्जनों सीटें अभी भी नहीं भरी हैं. ऐसे में आइए जानते हैं किस कैटेगरी और प्रोग्राम में सबसे ज्यादा सीट खाली हैं. 

कैटेगरी वाइज सीट डेटा

DU एडमिशन ब्रांच की लेटेस्ट वैकेंसी लिस्ट के मुताबिक, 2026-27 स्पॉट राउंड के लिए 13,433 UG सीटें उपलब्ध हैं. डेटा से पता चलता है कि सबसे ज्यादा खाली सीटें अन्य पिछड़ा वर्ग-नॉन-क्रीमी लेयर (OBC-NCL) कैटेगरी में हैं. इसमें 4,133 सीट्स खाली हैं. इसके बाद ST में 2,476, अनारक्षित में 2,113, अनुसूचित जाति में 2,038 और EWS में 1,791 सीटें खाली पाली पड़ी हैं. साथ ही, सिख कैटेगरी में 566 और ईसाई कैटेगरी में 316 सीटें भी नहीं भर पाई हैं.

बड़े कॉलेजों में खाली सीटें

हिंदू कॉलेज में 11 लिस्टेड प्रोग्राम में अंडरग्रेजुएट लेवल पर 29 सीटें खाली हैं. इनमें इकोनॉमिक्स, B.Com (ऑनर्स), फिजिक्स, केमिस्ट्री, बॉटनी, जूलॉजी और फिलॉसफी जैसे कोर्स शामिल हैं.

हंसराज कॉलेज में खाली सीटों की संख्या ज्यादा है. यहां 19 प्रोग्राम में कुल 79 सीटें खाली हैं. इनमें कंप्यूटर साइंस, मैथमेटिक्स, फिजिक्स, केमिस्ट्री, जूलॉजी, बॉटनी और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे कोर्स शामिल हैं.

हालांकि, श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स में खाली सीटें काफी कम हैं. यहां इकोनॉमिक्स में सिर्फ दो सीटें खाली हैं (एक अनारक्षित) और B.Com (ऑनर्स) में दो सीटें खाली हैं (एक OBC-NCL और एक SC कैटेगरी के लिए).

खाली सीटों वाले अन्य प्रमुख कॉलेजों में किरोड़ीमल कॉलेज, गार्गी कॉलेज, दौलत राम कॉलेज, इंद्रप्रस्थ कॉलेज फॉर विमेन और दयाल सिंह कॉलेज वगैरह शामिल हैं. B.Com और होम साइंस जैसे कोर्स में सबसे ज्यादा खाली सीटें हैं. 

स्वामी श्रद्धानंद कॉलेज में किसी एक प्रोग्राम के लेवल पर सबसे ज्यादा खाली सीटें हैं. यहां B.Com में 145 सीटें खाली हैं. इनमें 66 OBC-NCL, 34 SC, 34 ST और 11 EWS सीटें शामिल हैं.

खास प्रोग्राम में भी सीटें सबसे ज्यादा खाली

इंस्टीट्यूट ऑफ होम इकोनॉमिक्स में B.Sc. (पास) होम साइंस में 131 सीटें खाली हैं, जबकि लेडी इरविन कॉलेज में इसी प्रोग्राम में 101 सीटें खाली हैं.

कई साइंस प्रोग्राम में भी काफी सीटें खाली हैं. श्याम लाल कॉलेज में B.Sc. फिजिकल साइंस विद केमिस्ट्री में 112 सीटें खाली हैं, जबकि दूसरे कॉलेजों में भी फिजिकल साइंस, केमिस्ट्री, मैथमेटिक्स और उससे जुड़े प्रोग्राम में काफी सीटें खाली हैं.

ह्यूमैनिटीज और लैंग्वेज कोर्स में भी खाली सीटें

लिस्ट में कई ह्यूमैनिटीज और लैंग्वेज प्रोग्राम में भी काफी सीटें खाली दिखाई दे रही हैं.

उदाहरण के लिए, दयाल सिंह कॉलेज में साइंस और कॉमर्स कोर्स के साथ-साथ हिंदी, संस्कृत, पंजाबी और उर्दू प्रोग्राम में भी सीटें खाली हैं. कालिंदी कॉलेज में B.A. (ऑनर्स) संस्कृत में 68 और हिंदी में 54 सीटें खाली हैं.

जाकिर हुसैन दिल्ली कॉलेज में भी ह्यूमैनिटीज, लैंग्वेज, कॉमर्स और साइंस में सीटें खाली हैं. इसकी खाली सीटों की लिस्ट में B.A. (ऑनर्स) पर्शियन में 27, B.A. (ऑनर्स) बंगाली में 27, B.Sc. (ऑनर्स) मैथमेटिक्स में 32 और B.Sc. में 51 सीटें शामिल हैं. यूनिवर्सिटी की कैटेगरी-वाइज लिस्ट के आधार पर, (ऑनर्स) केमिस्ट्री में और B.Sc. फिजिकल साइंस विद केमिस्ट्री में 56 सीटें हैं.

DU की चेतावनी: खाली सीटों की संख्या बदल सकती है

यूनिवर्सिटी ने साफ किया है कि ये आंकड़े जरूरी नहीं कि फाइनल हों. खाली सीटों की यह जानकारी 23 अगस्त को दोपहर 1 बजे तक की स्थिति के आधार पर तैयार की गई थी. DU ने कहा कि सीटों की सही संख्या में बदलाव हो सकता है, जिसकी वजह सीटों का मिलान (reconciliation), एडमिशन वापस लेना, कैंसिलेशन और शिकायतों का समाधान हो सकता है.

यूनिवर्सिटी के मुताबिक, स्पॉट राउंड के दौरान एडमिशन वापस लेने की प्रक्रिया सस्पेंडेड रहेगी. इसलिए, स्पॉट राउंड उन योग्य छात्रों को एक और मौका देगा जो पहले के एडमिशन राउंड के बाद खाली बची सीटों पर एडमिशन लेना चाहते हैं. लेकिन सीटों की उपलब्धता कॉलेज, प्रोग्राम और एडमिशन कैटेगरी पर निर्भर करेगी. खाली सीटों की लिस्ट में उन कोर्स के बीच बड़ा अंतर दिखेगा जिनकी बहुत ज्यादा मांग है और उन प्रोग्राम के बीच जहां खाली सीटों की संख्या तीन अंकों में है.

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