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JEE Main और JEE Advanced में क्या अंतर होता है? जानें क्या होता है एग्जाम पैटर्न

JEE Main Result: कई पेरेंट्स इस बात को लेकर कंफ्यूज रहते हैं कि JEE Main और JEE Advanced के बीच क्या अंतर होता है और इनमें पास होने पर किन कॉलेज में एडमिशन मिलता है.

JEE Main और JEE Advanced में क्या अंतर होता है? जानें क्या होता है एग्जाम पैटर्न
JEE Main और JEE एडवांस्ड में अंतर

JEE Main Result: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) जल्द ही संयुक्त प्रवेश परीक्षा (JEE) मेन 2026 के पहले सेशन का रिजल्ट जारी कर सकता है. इससे पहले आंसर की जारी की जाएगी, जिसका तमाम उम्मीदवारों को बेसब्री से इंतजार है. इंजीनियरिंग की तैयारी करने वाले तमाम छात्रों को तो जेईई मेन और जेईई एडवांस्ड के बारे में तमाम जानकारी होती है, लेकिन पेरेंट्स अक्सर इसे लेकर कंफ्यूज रहते हैं. ऐसे में आज हम आपको JEE Main और JEE Advanced के बीच अंतर बताने जा रहे हैं. साथ ही ये भी बताएंगे कि दोनों परीक्षाओं में एग्जाम पैटर्न क्या होता है. 

क्या होता है JEE?

इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) साल में दो बार JEE परीक्षाओं का आयोजन करवाती है. ये परीक्षा दो स्टेज में होती हैं, पहली जेईई मेन और दूसरी जेईई एडवांस्ड. जेईई एडवांस्ड परीक्षा की जिम्मेदारी देशभर के तमाम आईआईटी बारी-बारी से संभालते हैं. आईआईटी में एडमिशन का दरवाजा JEE से ही खुलता है. यही वजह है कि लाखों छात्र हर साल इसके लिए आवेदन करते हैं. 

JEE Main क्या है?

JEE Main इंजीनियरिंग में एडमिशन लेने की पहली सीढ़ी है. इसमें पास होने वाले छात्रों को देशभर के एनआईटी, आईआईटी और सरकारी संस्थानों में एडमिशन मिलता है. इसके अलावा कई नामी प्राइवेट कॉलेज भी जेईई पास उम्मीदवारों को ही एडमिशन देते हैं. यानी इंजीनियरिंग के लिए JEE मेन निकालना जरूरी होता है. JEE Main तीन बार दिया जा सकता है. पहला 12वीं में रहते हुए और उसके बाद दो सालों तक परीक्षा दी जा सकती है.

JEE Advanced क्या है?

भारत में मौजूद 23 इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IITs) में एडमिशन पाने के लिए JEE Advanced का आयोजन किया जाता है. इस परीक्षा में पास होने वाले छात्रों को ही आईआईटी में एडमिशन दिया जाता है. हालांकि सीटें लिमिटेड होती हैं, ऐसे में रैंकिंग के हिसाब से एडमिशन दिया जाता है. इसमें केमिस्ट्री से लेकर मैथ्स और फिजिक्स की नॉलेज टेस्ट की जाती है, यही वजह है कि इसे क्रैक करना काफी मुश्किल होता है. JEE के लिए 12वीं में ये तीनों सब्जेक्ट होना जरूरी है. JEE Advanced दो बार दिया जा सकता है, पहला 12वीं में और दूसरा अटेंप्ट उसके अगले साल दे सकते हैं. 

क्या होता है पैटर्न?

जेईई मेन में तीन घंटे का कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट होता है. इसमें मैथ्स, फिजिक्स और केमिस्ट्री के सवाल पूछे जाते हैं. इसमें MCQs और न्यूमेरिकल बेस्ड सवाल होते हैं. वहीं जेईई एडवांस्ड के पैटर्न की बात करें तो इसमें दो पेपर होते हैं, जिनकी ड्यूरेशन तीन-तीन घंटे की होती है. सिलेबस की बात करें तो इसमें भी मैथ्स, फिजिक्स और केमिस्ट्री के सवाल होते हैं, लेकिन इनकी डेप्थ बढ़ जाती है. 

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