केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से, री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया के दौरान छात्रों और अभिभावकों को हुई तकनीकी दिक्कतों की शिकायतों पर एक रिपोर्ट मांगी है. सूत्रों ने बताया कि मंत्री ने री-इवैल्यूएशन की प्रक्रिया के दौरान सर्वर डाउनटाइम, पेमेंट गेटवे में गड़बड़ी और कामकाज में हुई चूकों से जुड़ी समस्याओं का गंभीरता से संज्ञान लिया है. सूत्रों के अनुसार, अधिकारियों को तकनीकी विफलताओं के कारणों, तैयारियों के उपायों और प्रक्रिया के प्रबंधन में शामिल एजेंसियों की जवाबदेही के बारे में स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है. इससे पहले सीबीएसई ने कहा था कि वह परिणाम के बाद होनेवाली सत्यापन और री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया के दौरान तकनीकी गड़बड़ियों को लेकर उठी चिंताओं के बीच छात्रों के शैक्षणिक हितों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है.
98.6 लाख से ज़्यादा आंसर शीट की जांच की गई
एक बयान में, बोर्ड ने कहा था कि इस साल ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम के तहत 98.6 लाख से ज़्यादा आंसर शीट जांची गईं और छात्रों को अपनी जांची हुई आंसर शीट की स्कैन की हुई कॉपी पाने का मौका दिया गया. बोर्ड के अनुसार इस सुविधा के प्रति प्रतिक्रिया "बहुत ज़बरदस्त" रही है, और बहुत कम समय में ही बड़ी संख्या में छात्रों ने इसके लिए आवेदन किया.
बोर्ड ने कहा, पोर्टल पर ज़्यादा लोड होने के समय एक्सेस में दिक्कत, पेमेंट कन्फर्मेशन में देरी, और स्कैन की हुई कॉपी देखने के बाद कुछ चिंताओं के बारे में फीडबैक मिला है. जैसे कि पेज धुंधले होना या गायब होना.
आंसर शीट की हासिल करने की प्रक्रिया बढ़ाई
इस बीच सीबीएसई ने कक्षा-12 की आंसर शीट की स्कैन कॉपी हासिल करने की अंतिम तारीख 24 मई तक बढ़ा दी है. आंसर शीट के पोर्टल में आ रही कठिनाइयों को लेकर छात्रों की शिकायतों के बीच सीबीएसई ने ये फैसला लिया है.
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