राजधानी दिल्ली में संचालित कोचिंग संस्थानों को जल्द ही एक नए नियामक ढांचे के तहत लाया जाएगा. दिल्ली सरकार ने कोचिंग सेंटरों के संचालन, छात्रों की सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं को लेकर व्यापक दिशा-निर्देश तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.
शिक्षा और शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने गुरुवार को इसको लेकर एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की. बैठक में एमसीडी, दिल्ली अग्निशमन सेवा, दिल्ली पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, श्रम विभाग, शहरी विकास विभाग और उच्च शिक्षा निदेशालय सहित कई एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.
कोचिंग संस्थान के बेसमेंट में भरा था पानी
यह कदम वर्ष 2024 में ओल्ड राजेंद्र नगर स्थित एक कोचिंग संस्थान में हुए हादसे के बाद उठाया जा रहा है, जिसमें बेसमेंट में जलभराव और सुरक्षा संबंधी खामियों के कारण कई छात्रों की मौत हो गई थी. इस घटना के बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) आर.के. गौबा की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया था. समिति ने अपनी रिपोर्ट में कोचिंग संस्थानों में मौजूद कई संरचनात्मक और प्रशासनिक कमियों की ओर इशारा करते हुए सख्त नियमन की सिफारिश की है.
कोचिंग संस्थानों में छात्रों की सुरक्षा जरूरी
बैठक के बाद आशीष सूद ने कहा कि दिल्ली सरकार इस मुद्दे को अत्यंत गंभीरता से ले रही है और कोचिंग संस्थानों में सुरक्षित, पारदर्शी, जवाबदेह और छात्र-केंद्रित वातावरण सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि प्रस्तावित ढांचा गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक सहयोग सेवाओं को बढ़ावा देने के साथ-साथ छात्रों के हितों की बेहतर सुरक्षा भी सुनिश्चित करेगा.
मंत्री ने दावा किया कि देशभर से बड़ी संख्या में विद्यार्थी दिल्ली में शिक्षा प्राप्त करने आते हैं और ऐसे में दिल्ली कोचिंग संस्थानों के संचालन के लिए व्यापक दिशा-निर्देश लागू करने वाला देश का अग्रणी राज्य बनने जा रहा है.
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