CBSE PM eVidya: सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एडुकेशन(CBSE) ने अपने सभी स्कूलों को पीएम ई-विद्या (PM e-Vidya) चैनल 15 का एक्टिव तरह से इस्तेमाल करने का निर्देश दिया है. बोर्ड का कहना है कि इससे क्लासरूम टीचिंग स्ट्रॉन्ग होगी और छात्रों की लर्निंग भी बेहतर बनेगी. CBSE ने 7 जनवरी 2026 को एक सर्कुलर जारी किया है, जिसमें कहा कि चैनल पर उपलब्ध कंटेंट CBSE सिलेबस के अनुसार ही तैयार किया गया है. CBSE के अनुसार, यह कदम डिजिटल एजुकेशन को बढ़ावा देने और देश के हर स्टूडेंट्स तक एक जैसी क्वालिटी एजुकेशन पहुंचाने में अहम साबित होगा.
PM eVidya चैनल क्या है
पीएम ई-विद्या पहल की शुरुआत साल 2024 में की गई थी, जिसका मकसद टीवी के जरिए छात्रों को सप्लीमेंट्री एजुकेशन सपोर्ट देना है. इस पहल के तहत 200 DTH टीवी चैनल्स शुरू किए गए हैं. इनमें से CBSE को चैनल नंबर 15 अलॉट किया गया है, जहां इस समय कुल 67 एजुकेशनल ई-वीडियो उपलब्ध हैं. ये वीडियो खासतौर पर कक्षा 9 से 11 तक के छात्रों और शिक्षकों की ट्रेनिंग को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं.
किन विषयों और टॉपिक्स पर हैं वीडियो
CBSE चैनल 15 पर मौजूद वीडियो में छात्रों और शिक्षकों दोनों के लिए यूज कंटेंट शामिल है. इसमें मैथ्स, साइंस और सोशल साइंस जैसे मुख्य विषयों के अलावा कई जरूरी एजुकेशनल टॉपिक्स को कवर किया गया है. शिक्षकों के लिए बनाए गए वीडियो में एक्सपीरियंशियल लर्निंग, स्टोरीटेलिंग पेडागॉजी, असेसमेंट स्ट्रेटेजी, साइबर सेफ्टी और NEP 2020 जैसे अहम सब्जेक्ट शामिल हैं. बोर्ड का कहना है कि ये वीडियो क्लासरूम में पढ़ाने के तरीकों को और बेहतर बनाने में मदद करेंगे.
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हर छात्र तक शिक्षा पहुंचाने की कोशिश
CBSE के मुताबिक, इन कार्यक्रमों को इस तरह डिजाइन किया गया है कि भौगोलिक या सामाजिक-आर्थिक बाधाएं छात्रों की पढ़ाई में रुकावट न बनें. टीवी के जरिए बार-बार टेलीकास्ट होने से छात्र अपनी सुविधा के अनुसार पढ़ाई कर सकते हैं. इसके अलावा, सभी वीडियो यूट्यूब पर सीबीएसई टीवी चैनल (CBSE TV Channel) पर भी उपलब्ध हैं, जिससे छात्र और शिक्षक कभी भी इन्हें दोबारा देख सकते हैं और अपनी स्पीड से सीख सकते हैं.
स्कूलों और प्रिंसिपल्स को क्या निर्देश
CBSE ने सभी स्कूलों के प्रिंसिपल और हेड ऑफ स्कूल को निर्देश दिया है कि वे जून 2024 में जारी पुराने सर्कुलर के अनुसार जरूरी इन्फ्रास्ट्रक्चर बनाएं. साथ ही, टीचर्स और स्टूडेंट्स को चैनल 15 पर उपलब्ध कंटेंट की जानकारी देना भी स्कूलों की जिम्मेदारी होगी. बोर्ड ने यह भी कहा है कि स्कूल इन वीडियो का इस्तेमाल एनरिचमेंट, रिवीजन और रेमेडियल टीचिंग के लिए कर सकते हैं, जिससे कमजोर और तेज दोनों तरह के छात्रों को फायदा मिले. CBSE ने एक्सपीरिएंस्ड टीचर्स और रिसोर्स पर्सन्स से भी अपील की है कि वे हाई-क्वालिटी ई-वीडियो को बनाने में मदद करें. बोर्ड का मानना है कि शिक्षकों की भागीदारी से कंटेंट और ज्यादा प्रैक्टिकल, इनोवेटिव और स्टूडेंट-फ्रेंडली बन सकेगा.
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