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अकेले Physics में फेल हुए 94 हजार छात्र, शिक्षाविद ने OSM पर उठाए सवाल! स्टूडेंट को दिए जाएं ग्रेस मार्क्स

CBSE 12वीं के नतीजों में बड़ा खुलासा हुआ है. इस साल कुल 1.63 लाख कंपार्टमेंट वाले छात्रों में से 94,500 अकेले फिजिक्स के हैं. जिसके बाद डिजिटल मूल्यांकन (OSM) पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं. शिक्षाविदों ने तो ग्रेस मार्क्स देने तक की मांग की है.

अकेले Physics में फेल हुए 94 हजार छात्र, शिक्षाविद ने OSM पर उठाए सवाल! स्टूडेंट को दिए जाएं ग्रेस मार्क्स
OSM यानि पहली बार डिजीटल मूल्यांकन हुआ और इतना बड़ा अंतर केवल फिजिक्स में कैसे हो सकता है.

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के 12वीं के नतीजों के विस्तृत डेटा एनालिसिस के बाद एक ऐसा चौंकाने वाला सच सामने आया है, जिसने देश के लाखों छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है. इस साल कुल 1,63,800 छात्रों की कंपार्टमेंट आई है, यानी वे किसी न किसी एक विषय में फेल हुए हैं. लेकिन सबसे हैरान करने वाला दावा मशहूर शिक्षाविद और शिक्षक केशव अग्रवाल ने किया है. उनके मुताबिक, कंपार्टमेंट लाने वाले छात्रों में से 94,500 छात्र अकेले सिर्फ फिजिक्स (Physics) विषय के हैं.

फिजिक्स में केवल 96 छात्रों के 100 नंबर

CBSE के डाटा का आंकलन करने के बाद केशव अग्रवाल ने कहते हैं कि 12 वीं की परीक्षा में फिजिक्स के 5 लाख 56 हजार 19 छात्र बैठे. जिसमें से 4 लाख 61 हजार 500 छात्र पास होते हैं जबकि 94500 फेल होते हैं. खुद CBSE का डाटा बताता है कि फिजिक्स में केवल 96 छात्रों के ही 100 नंबर आए हैं जबकि केमिस्ट्री में 1000 छात्रों के सौ नंबर आए.

वहीं, पेंटिंग्स में सबसे ज्यादा यानी 15000 छात्रों ने 100 नंबर प्राप्त किया. इसके अलावा अकाउंटिंग में 1400 से ऊपर छात्रों के सौ नंबर आए हैं और मैथ्स में 1200 छात्रों को सौ नंबर हैं. 

इन आंकड़ों को लेकर शिक्षाविद सवाल उठाते हैं कि सबसे ज्यादा बच्चों के फिजिक्स में कंपार्टमेंट आया और सबसे कम छात्रों के 100 नंबर आए ऐसे कैसे हो सकता है.

बच्चों के दिए जाएं ग्रेस मार्क्स

OSM यानि पहली बार डिजीटल मूल्यांकन हुआ और इतना बड़ा अंतर केवल फिजिक्स में कैसे हो सकता है. ये बात गले से नहीं उतर रही है. केशव अग्रवाल ने कहा कि मैथ्स, अकाउंटेंट में भी दिक्कत आई हैं. लेकिन सबसे ज्यादा फिजिक्स का रिजल्ट गड़बड़ है. इसको लेकर केशव अग्रवाल ने CBCE से अपील की है कि फिजिक्स में छात्रों को ग्रेस मार्क दिया जाए.

उन्होंने सुझाव दिया है कि जिन छात्रों को अस्सी फीसदी नंबर है उनको दस नंबर और जिनके तीस से चालीस फीसदी नंबर हैं उनको 20-30 नंबर मिलने चाहिए. क्योंकि कहीं न कहीं गड़बड़ी हुई है.

OSM मार्किंग से पासिंग पर्सेंटेज भी गिरा

CBSE के तहत देश और विदेश में 19967 स्कूल हैं और 12 वीं की परीक्षा में करीब 18 लाख 57 हजार 517 छात्र रजिस्टर्ड हुए थे. इसमें OSM यानि डिजीटल मूल्यांकन करीब 98 लाख 66 हजार 622 कॉपियों का किया गया. पिछले साल यानि 2025 में जहां 88.39 फीसदी छात्र पास हुए थे. जबकि डिजिटल चेकिंग के बाद इस साल 85.20 फीसदी छात्र पास हुए.

पिछले साल जहां करीब 1 लाख 29 हजार छात्रों के कंपार्टमेंट आए वहीं इस साल 1 लाख 63 हजार छात्रों के कंपार्टमेंट आए.

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