केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने करीब चार दिन बाद आखिरकार री-इवैल्यूएशन पोर्टल खोल दिया है. छात्र 6 जून तक अपनी कॉपियों की री-चेकिंग के लिए आवेदन कर सकते हैं. पोर्टल शुरू होने के कुछ घंटे तक इसमें ग्लिच की शिकायतें मिलीं, लेकिन अब बोर्ड ने साफ किया है कि पोर्टल पूरी तरह से एक्टिव है और ठीक से काम कर रहा है. इसी बीच सीबीएसई की तरफ से छात्रों की मदद के लिए एक पांच मिनट का वीडियो भी शेयर किया गया है, जिसमें कॉपी री-चेकिंग का पूरा स्टेप बाय स्टेप प्रोसेस बताया गया है.
आवेदन करने का आधिकारिक पोर्टल
री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन करने का आधिकारिक पोर्टल postresult.cbseit.in/pvr/ है. छात्र इस पोर्टल पर जाने के बाद आसानी से लॉगइन कर सकते हैं और फिर जरूरी स्टेप्स को फॉलो कर री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन किया जा सकता है. इसके साथ ही आंसर शीट्स में दिखने वाली दिक्कतों के वेरिफिकेशन के लिए भी आवेदन किया जा सकता है.
ये वीडियो देखकर मिलेगी मदद
सीबीएसई की तरफ से ये वीडियो शेयर किया गया है, जिसमें शुरू से लेकर आखिर तक का पूरा प्रोसेस बताया गया है. वीडियो में समझाया गया है कि सिर्फ वही छात्र वेरिफिकेशन या री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन कर सकते हैं, जिन्होंने अपनी आंसर शीट्स की स्कैन कॉपी के लिए आवेदन किया था.
Dearest Students,
— CBSE HQ (@cbseindia29) June 1, 2026
The verification and re-evaluation portal is now LIVE !
Please watch the video carefully for step-by-step instructions on how to apply for Verification of Marks and re-evaluation.
Portal Link: https://t.co/ILQvluZJ7W@EduMinOfIndia @PTI_News @PIB_India… pic.twitter.com/Ydc2wmGEol
कैसे कर सकते हैं
- आवेदन करने के लिए, छात्रों को अपने रोल नंबर और बाकी जानकारी का इस्तेमाल कर पोर्टल पर लॉग इन करना होगा.
- इसके बाद संबंधित विषय चुनना होगा और उन सवालों को सेलेक्ट करना होगा जिन्हें वो चैलेंज कर रहे हैं.
- इसके बाद ऑनलाइन फीस जमा करनी होगी और फिर सबमिट करने के बाद री-इवैल्यूएशन का इंतजार करना होगा.
चार लाख छात्रों ने लिया हिस्सा
इस बार सीबीएसई ने ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) से कॉपियों की चेकिंग करवाई थी, इसमें छात्रों की कॉपी को स्कैन करके डिजिटली चेक किया गया. हालांकि इसे लेकर शुरू से ही सवाल उठने लगे और रिजल्ट आने के बाद छात्रों ने कम नंबर और बाकी चीजों की शिकायतें कीं. जब स्कैन कॉपी मिलने लगीं तो इसमें कई तरह की गलतियां पाई गईं, जिसके बाद OSM को लेकर गंभीर सवाल उठे और सरकार ने भी माना कि इसमें गड़बड़ी हुई. यही वजह है कि इस बार करीब 4 लाख से ज्यादा छात्रों ने री-चेकिंग प्रोसेस में हिस्सा लिया है.
ये भी पढ़ें - CBSE Re-evaluation: लॉगिन फेल होने की शिकायतों के बीच CBSE का दावा- 'एकदम ठीक चल रहा री-इवैल्यूएशन पोर्टल'
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं