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क्‍या CBSE बोर्ड पढ़ते-पढ़ते IB या ICSE बोर्ड में चेंज कर सकते हैं, जानें क्‍या करना होगा

कई बार पेरेंट्स और स्‍टूडेंट्स बोर्ड बदलने का फैसला करते हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या CBSE बोर्ड से पढ़ाई करते हुए IB या ICSE बोर्ड में शिफ्ट किया जा सकता है?

क्‍या CBSE बोर्ड पढ़ते-पढ़ते IB या ICSE बोर्ड में चेंज कर सकते हैं, जानें क्‍या करना होगा

कई बार पेरेंट्स और स्‍टूडेंट्स बोर्ड बदलने का फैसला करते हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या CBSE बोर्ड से पढ़ाई करते हुए IB या ICSE बोर्ड में शिफ्ट किया जा सकता है? अगर किसी को ऐसा करना हो तो इसके क्‍या नियम हैं और ये कैसे किया जा सकता है. जानें बोर्ड चेंज करने से जुड़ी हर जरूरी बात. 

शिक्षा प्रणाली अलग-अलग 

CBSE, ICSE और IB, तीनों बोर्ड की शिक्षा प्रणाली अलग-अलग है. CBSE मुख्य रूप से राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं पर केंद्रित है, जबकि ICSE में भाषा और विषयों की गहराई पर अधिक ध्यान दिया जाता है. वहीं IB (International Baccalaureate) अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा प्रणाली है, जिसमें प्रोजेक्ट, रिसर्च और प्रैक्टिकल लर्निंग पर जोर होता है. 

कैसे चेंज कर सकते हैं बोर्ड 

अर कोई छात्र CBSE से ICSE में जाना चाहता है, तो उसे उस स्कूल में प्रवेश लेना होगा जो CISCE बोर्ड से संबद्ध हो. स्कूल छात्र की पिछली कक्षा के रिकॉर्ड, मार्कशीट और उपलब्ध सीटों के आधार पर प्रवेश देता है. 

IB बोर्ड में प्रवेश के लिए भी छात्र को IB अधिकृत स्कूल में आवेदन करना होता है. कई स्कूल प्रवेश परीक्षा या इंटरव्यू भी आयोजित करते हैं. IB की फीस आमतौर पर CBSE और ICSE की तुलना में अधिक होती है. 

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बोर्ड बदलने का उपयुक्‍त समय 

बोर्ड बदलने का सबसे अच्छा समय कक्षा 5, 6, 8 या 9 माना जाता है. कक्षा 10 या 12 के बोर्ड परीक्षा वर्ष में बदलाव करना कठिन हो सकता है क्योंकि पाठ्यक्रम और मूल्यांकन प्रणाली काफी अलग होती है. 

इन चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है 

बोर्ड बदलते समय छात्रों को कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है. उदाहरण के लिए ICSE में अंग्रेजी और अन्य विषयों का स्तर अलग हो सकता है, जबकि IB में प्रोजेक्ट आधारित शिक्षा के कारण पढ़ाई का तरीका पूरी तरह बदल जाता है. 

इन बातों को ध्‍यान में रखकर फैसला लें- 

- फीस, स्कूल की मान्यता, भविष्य की शिक्षा योजनाओं और बच्चे की सीखने की क्षमता को ध्यान में रखकर निर्णय लेना चाहिए.

- अगर छात्र का लक्ष्य JEE, NEET जैसी भारतीय प्रतियोगी परीक्षाएं हैं, तो CBSE अक्सर अधिक अनुकूल माना जाता है.

- विदेश में उच्च शिक्षा की योजना बनाने वाले छात्रों के लिए IB उपयोगी हो सकता है. 

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