Paper Leak Controversey : पंजाब मुख्यमंत्री भगवमत मान ने आज कहा कि पिछले साढ़े 4 सालों में पंजाब में कोई पेपर लीक नहीं हुआ है. यह बात उन्होंने फार्मेसी भर्ती परीक्षा विवाद को लेकर कहा. मुख्यमंत्री ने हाल ही में फार्मेसी परीक्षा में सामने आए मामले को पेपर लीक नहीं, बल्कि हाईटेक चीटिंग का मामला बताया. उनके अनुसार फार्मेसी परीक्षा सुबह 11 बजे शुरू हुई थी और 11 बजकर 15 मिनट पर प्रशासन को जानकारी मिल गई थी कि कुछ अभ्यर्थी ब्लूटूथ पेन की मदद से प्रश्नपत्र स्कैन कर बाहर बैठे लोगों तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं. जानकारी मिलते ही पुलिस ने परीक्षा दे रहे 10 स्टूडेंट्स और बाहर से नकल करा रहे 11 लोगों को गिरफ्तार कर लिया.
चीटिंग का मामला था, पेपर लीक नहीं
मुख्यमंत्री के मुताबिक बाहर मौजूद लोग हेडफोन के जरिए परीक्षार्थियों तक जवाब पहुंचा रहे थे. उन्होंने कहा कि यह संगठित नकल का मामला था, जिसे समय रहते पकड़ लिया गया और रोक दिया गया. पेपर सफलता पूर्वक संपन्न हुआ, इसलिए इसे पेपर लीक नहीं कहा जाएगा. यह केवल चीटिंग का मामला था. पंजाब में पेपर लीक नहीं होता है.
68,855 दी गई नौकरी
मान ने कहा कि पंजाब में अब "नो कैश, नो फॉर मैश" पर काम होता है. यहां पर मेरिट के आधार पर काम किया जाता है. उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने अब तक 68,855 युवाओं को सरकारी नौकरियां दी हैं और एक भी भर्ती में किसी तरह की सिफारिश पर नहीं हुई है. एक रुपया किसी ने नहीं दिया है.
भगवंत मान ने कहा कि उनकी सरकार नकल और परीक्षा में गड़बड़ी के खिलाफ बिल्कुल सख्त है. उनका दावा है कि पिछले वर्षों की तुलना में अब भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ी है और युवाओं को उनकी योग्यता के आधार पर अवसर मिल रहे हैं.
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