अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) में आठ साल बाद छात्रसंघ चुनाव के लिए वोटिंग हो रही है. सुबह 9 बजे से शुरू हुआ मतदान शाम 5 बजे तक चलेगा. इसके बाद शाम 7 बजे से मतगणना शुरू होगी. चुनाव में करीब 35 पदों के लिए लगभग 145 प्रत्याशी मैदान में हैं. सबसे ज्यादा चर्चा छात्रसंघ और विमेंस कॉलेज यूनियन के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सचिव पदों को लेकर है. आठ साल बाद हो रहे इस चुनाव में कैंपस का माहौल काफी बदला हुआ है. इस दौरान कई नए छात्र आए और पुराने छात्र विश्वविद्यालय से जा चुके हैं. ऐसे में इस बार चुनाव लड़ रहे ज्यादातर चेहरे नए हैं. छात्रों के बीच भी अपने प्रतिनिधि चुनने को लेकर उत्साह दिखाई दे रहा है.
पूर्वी बनाम पश्चिमी यूपी का मुकाबला
इस बार चुनाव में किसी राजनीतिक दल का अधिकृत पैनल नहीं है. मुकाबला मुख्य रूप से अलग-अलग क्षेत्रों से आने वाले छात्र समूहों के बीच देखा जा रहा है. अध्यक्ष पद पर बिहार और पश्चिमी यूपी के प्रत्याशियों के बीच मुकाबले की चर्चा है. वहीं उपाध्यक्ष और सचिव पद पर पूर्वी यूपी और पश्चिमी यूपी के छात्र समूह अपनी ताकत दिखाने में जुटे हैं.
छात्रसंघ के तीन पदों पर 19 प्रत्याशी
छात्रसंघ के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और मानद सचिव पद के लिए कुल 19 प्रत्याशी मैदान में हैं. अध्यक्ष पद पर नौ प्रत्याशियों के बीच मुकाबला है. इनमें मोहम्मद जुहैर अहमद, आमिना इरशाद, मोहम्मद इंतखाब, अब्दुल वहीद, मोहम्मद नोमान अशरफ, शरजील इकबाल, साहिल खान, शरजील मोहम्मद खान और असमर फरीदी शामिल हैं.
उपाध्यक्ष पद के लिए मोहम्मद सदान, सैयद अयान अहमद, अशफाक हुसैन, अयमान हफीज खान, नशरा नईम, साकिब अली खान और इरफा खान चुनाव लड़ रहे हैं. मानद सचिव पद पर अहमद फराज राजी, मोहम्मद हमदान और मोहम्मद ओवैस के बीच मुकाबला है.

विमेंस कॉलेज यूनियन के 15 प्रत्याशी भी मैदान में
विमेंस कॉलेज यूनियन के तीन पदों के लिए 15 छात्राएं चुनाव लड़ रही हैं. अध्यक्ष पद पर आयशा जमाल, तहूरा शकील, अनम रियाज, तमन्ना मुजफ्फर, मरियम नाज और रुकैया खान मैदान में हैं. उपाध्यक्ष पद पर आयशा खान, सानिया सिराज, मरियम फातिमा और शमा फातिमा के बीच मुकाबला है. वहीं सचिव पद के लिए जोया रहमान, मरियम जान, सानिया खान, रुकैया खातून और जैनब चुनाव लड़ रही हैं.
करीब 26,500 वोटर्स के हाथ में फैसला
इस बार छात्रसंघ और विमेंस कॉलेज यूनियन के चुनाव में करीब 26,500 मतदाता अपने प्रतिनिधि चुनेंगे. इनमें छात्रसंघ के करीब 22 हजार और विमेंस कॉलेज की लगभग 4,500 छात्राएं शामिल हैं. दोनों जगह मतदान के लिए अलग-अलग व्यवस्था की गई है.
2018-19 में हुआ था पिछला चुनाव
AMU में पिछला छात्रसंघ चुनाव 2018-19 में हुआ था. उस चुनाव में अध्यक्ष पद पर एम. सलमान इम्तियाज ने जीत दर्ज की थी. हमजा सुफियान उपाध्यक्ष और हुजैफा आमिर रशादी मानद सचिव चुने गए थे. विमेंस कॉलेज यूनियन में आफरीन फातिमा अध्यक्ष, नाहिद असद उपाध्यक्ष और मयमूना अंसारी सचिव चुनी गई थीं. उस समय छात्रसंघ में 18,886 और विमेंस कॉलेज में 3,014 मतदाता थे. इसके बाद से चुनाव नहीं हो सके. अब आठ साल बाद एक बार फिर छात्रसंघ की बहाली के साथ कैंपस में चुनावी हलचल देखने को मिल रही है.

19 दिन की भूख हड़ताल के बाद चुनाव का फैसला
विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग लंबे समय से उठ रही थी. इसी साल छात्र यासिर फहाद ने चुनाव कराने की मांग को लेकर 19 दिन तक भूख हड़ताल की थी. इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने चुनाव कराने का फैसला लिया. अब छात्र अपने मताधिकार के जरिए नए पदाधिकारियों को चुन रहे हैं.
नए पदाधिकारियों के सामने होंगी छात्रों की समस्याएं
चुनाव जीतने वाले नए पदाधिकारियों के सामने छात्रों की समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाने की जिम्मेदारी होगी. हॉस्टल की व्यवस्था, पढ़ाई से जुड़ी दिक्कतें, कैंपस की सुविधाएं और छात्रों की आवाज प्रशासन तक पहुंचाना उनके लिए बड़ी चुनौती होगी. आठ साल बाद हो रहे इस चुनाव में यह देखना भी दिलचस्प होगा कि छात्र पुराने चुनावी समीकरणों पर भरोसा जताते हैं या नए चेहरों को मौका देते हैं.
शाम सात बजे से शुरू होगी मतगणना
मतदान शाम 5 बजे तक चलेगा. इसके बाद शाम 7 बजे से वोटों की गिनती शुरू होगी. देर रात तक नतीजे आने की उम्मीद है. इसके साथ ही यह साफ हो जाएगा कि आठ साल बाद AMU छात्रसंघ की कमान किसके हाथ में जाती है और कैंपस की बदली हुई सियासत में कौन अपनी जगह बनाने में कामयाब रहता है.
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