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19 साल के छात्रों को क्या करनी चाहिए तैयारी? AI युग पर अभय चेब्बी का मंत्र

Alliance University के President अभय जी चेब्बी ने कहा कि विश्वविद्यालयों को AI के उपयोग के लिए नियम बनाने चाहिए, लेकिन छात्रों की सीखने और प्रयोग करने की स्वतंत्रता भी बनी रहनी चाहिए.

19 साल के छात्रों को क्या करनी चाहिए तैयारी? AI युग पर अभय चेब्बी का मंत्र
AI के कारण बदलते जॉब मार्केट पर बात करते हुए चेब्बी ने कहा कि अब विश्वविद्यालय केवल क्लासरूम और लेक्चर तक सीमित नहीं रह सकते.

AI Guidelines : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तेजी से शिक्षा और नौकरी की दुनिया को बदल रहा है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि छात्रों को AI का इस्तेमाल कितनी आजादी के साथ करना चाहिए और इसकी सीमाएं क्या होनी चाहिए? इसी मुद्दे पर NDTV YUVA Conclave में Alliance University के प्रेसिडेंट अभय जी चेब्बी ने अपनी राय रखी.तो चलिए जानते हैं उन्होंने स्टूडेंट्स को क्या सलाह दी है..

 AI यूज करें लेकिन गाइडलाइन के सा

एनडीटीवी युवा कॉन्क्लेव में ‘Idea of University in the Age of AI' सेशन में अरुण सिंह के साथ बातचीत के दौरान अभय चेब्बी ने कहा कि यूनिवर्सिटीज को AI के इस्तेमाल के लिए स्पष्ट नियम और मानक तय करने चाहिए. उनका मानना है कि छात्रों को नई टेक्नोलॉजी के साथ एक्सपेरिमेंट करने और सीखने की पूरी आजादी मिलनी चाहिए, लेकिन इसके साथ कुछ जरूरी सीमाएं भी होनी चाहिए.

उन्होंने कहा, “आजादी बहुत जरूरी है, लेकिन बिना किसी गाइडलाइन के यह नुकसानदायक भी हो सकती है.” उनके मुताबिक AI एजुकेशन के कई ट्रेडिशनल दायरों को बदल चुका है, इसलिए विश्वविद्यालयों की जिम्मेदारी है कि वे इसके जिम्मेदार और सही इस्तेमाल के लिए छात्रों का मार्गदर्शन करें.

रियल वर्ल्ड को भी करें सिलेबस में शामिल

AI के कारण बदलते जॉब मार्केट पर बात करते हुए चेब्बी ने कहा कि अब विश्वविद्यालय केवल क्लासरूम और लेक्चर तक सीमित नहीं रह सकते. संस्थान छात्रों को रियल वर्ल्ड के एक्सपीरिएंस देने के लिए नए मॉडल अपना रहे हैं.

उन्होंने बताया कि आज यूनिवर्सिटी स्टूडियो, स्टूडेंट लीडरशिप वाले स्टार्टअप, सोशल इंटर्नशिप और प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग जैसे अवसर अवलेवल करा रहे हैं. इससे छात्रों को सिर्फ किताबों का ज्ञान नहीं, बल्कि प्रैक्टिकल स्किल्स भी मिल रहे हैं, जो नौकरी और करियर में बेहद काम आते हैं.

जब उनसे पूछा गया कि वह यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेने वाले 19 वर्षीय छात्र को क्या सलाह देंगे, तो उन्होंने कहा कि स्टूडेंट्स को ऐसे प्रोजेक्ट्स में हिस्सा लेना चाहिए, जहां वे पढ़ाई के साथ-साथ रियल कौशल भी डेवलप कर सकें. उनके अनुसार भविष्य में सफलता केवल डिग्री से नहीं, बल्कि सीखने, प्रयोग करने और नए कौशल हासिल करने की क्षमता से तय होगी.

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