विज्ञापन

AI Coders एयरपोर्ट, मेट्रो, कैब हर जगह लैपटॉप खोलकर क्‍यों बैठे रहते हैं?

AI Coders: एयरपोर्ट हो या मेट्रो, कैब हो या कैफे, आजकल ऐसे लोग दिख जाते हैं जो लगातार लैपटॉप पर काम करते रहते हैं. इनमें से ज्‍यादातर आईटी प्रोफेशनल्‍स होते हैं.

AI Coders एयरपोर्ट, मेट्रो, कैब हर जगह लैपटॉप खोलकर क्‍यों बैठे रहते हैं?

AI Coders: एयरपोर्ट हो या मेट्रो, कैब हो या कैफे, आजकल ऐसे लोग दिख जाते हैं जो लगातार लैपटॉप पर काम करते रहते हैं. इनमें से ज्‍यादातर आईटी प्रोफेशनल्‍स होते हैं. जो AI कोडर या टेक प्रोफेशनल्‍स होते हैं. ये लोग लैपटॉप ओपन करके क्‍या करते रहते हैं, जानें. 

बढ़ा काम का दबाव

दुनियाभर की टेक कंपनियां AI से जुड़े नए उत्पाद और सेवाएं लॉन्च करने की होड़ में लगी हैं. ऐसे में सॉफ्टवेयर इंजीनियर, AI डेवलपर और डेटा साइंटिस्ट्स को तेजी से काम करना पड़ता है. कई बार प्रोजेक्ट की डेडलाइन इतनी सख्त होती है कि लोग यात्रा के दौरान भी अपना काम जारी रखते हैं. एयरपोर्ट पर फ्लाइट का इंतजार हो या कैब में सफर, हर मिनट का उपयोग करने की कोशिश की जाती है. 

वर्क फ्रॉम एनीवेयर

कोविड-19 महामारी के बाद रिमोट और हाइब्रिड वर्क कल्चर तेजी से बढ़ा है. अब कर्मचारियों को किसी एक जगह बैठकर काम करने की बाध्यता नहीं है. क्लाउड कंप्यूटिंग, हाई-स्पीड इंटरनेट और AI टूल्स की मदद से वे कहीं से भी कोड लिख सकते हैं, टीम से जुड़ सकते हैं और प्रोजेक्ट मैनेज कर सकते हैं. 

IT के अलावा दूसरी नौकरी करने वाले लोग भी AI सीख सकते हैं? कौन से कोर्स कर सकते हैं और कहां से...

AI टूल्स ने बढ़ाई उत्पादकता

आज GitHub Copilot, ChatGPT, Claude, Gemini जैसे AI टूल्स डेवलपर्स की मदद कर रहे हैं. पहले जिस काम में घंटों लगते थे, अब वह कुछ मिनटों में हो जाता है. इसलिए कई प्रोफेशनल्स छोटे-छोटे खाली समय का भी उपयोग कर लेते हैं. मेट्रो का 20 मिनट का सफर भी कोड रिव्यू, बग फिक्सिंग या डॉक्यूमेंटेशन के लिए काफी हो सकता है. 

छोटी टीम, ज्‍यादा काम 

AI सेक्टर में बड़ी संख्या में लोग स्टार्टअप्स से जुड़े हैं. स्टार्टअप्स में अक्सर छोटी टीमें होती हैं और कर्मचारियों को कई जिम्मेदारियां संभालनी पड़ती हैं. निवेशकों, ग्राहकों और प्रतिस्पर्धा के दबाव के कारण टीम के सदस्य यात्रा के दौरान भी सक्रिय रहते हैं. 

ग्लोबल टीमों के साथ काम

कई भारतीय AI इंजीनियर अमेरिका, यूरोप और अन्य देशों की कंपनियों के साथ काम करते हैं. अलग-अलग टाइम जोन के कारण उन्हें कभी सुबह जल्दी तो कभी देर रात मीटिंग करनी पड़ती है. ऐसे में यात्रा के दौरान भी लैपटॉप खोलकर काम करना सामान्य बात बन जाती है. 

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com