रोमिला थापर
- रोमिला थापर से सीवी मांगने पर विवाद बढ़ गया है.
- #RomilaThapar ट्वीटर पर ट्रेंड कर रहा है.
- रोमिला थापर जानी मानी इतिहासकार और प्रोफेसर इमेरिटस हैं.
नई दिल्ली:
- रोमिला थापर का जन्म 30 नवम्बर 1931 में लखनऊ में हुआ. रोमिला 87 साल की हैं.
- रोमिला के पिता दया राम थापर सेना में डॉक्टर थे और उन्होंने भारतीय सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं के महानिदेशक के रूप में कार्य किया था.
- पंजाब विश्वविद्यालय से स्नातक करने के बाद, रोमिला थापर ने लंदन विश्वविद्यालय के 'स्कूल ऑफ़ ओरिएण्टल एंड अफ्रीकन स्टडीज़' से 1958 में डॉक्टर की उपाधि अर्जित की.
- उन्होंने 1961 और 1962 के बीच कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में और 1963 और 1970 के बीच दिल्ली विश्वविद्यालय में प्राचीन भारतीय इतिहास का अध्ययन किया.
- वह 1983 में भारतीय इतिहास कांग्रेस की जनरल प्रेसिडेंट और 1999 में ब्रिटिश अकादमी की कोरेस्पोंडिंग फेलो चुनी गईं.
- रोमिला ने कई किताबें लिखीं. उनकी प्रमुख रचनाओं में अशोक और मौर्य साम्राज्य का पतन, प्राचीन भारत का सामाजिक इतिहास, समकालीन परिप्रेक्ष्य में प्रारंभिक भारतीय इतिहास, भारत का इतिहास - खंड 1, प्रारंभिक भारत - उत्पत्ति से ई.1300, सोमनाथ: द मेनी वॉइसेज ऑफ अ हिस्ट्री तक शामिल हैं.
- उनकी किताब 'सोमनाथ: द मेनी वॉइसेज ऑफ अ हिस्ट्री' गुजरात के सोमनाथ मंदिर के बारे में बताती है.
- उन्हें 2009 में अमेरिकन एकेडमी ऑफ आर्ट्स एंड साइंसेज का फॉरेन फेलो मेंबर चुना गया था. वहीं, 2017 में उन्हें सेंट एंटनी कॉलेज, ऑक्सफोर्ड का माननीय फेलो चुना गया था.
- रोमिला को 2 बार पद्म पुरस्कार के लिए चुना गया लेकिन दोनों बार उन्होंने ये पुरस्कार लेने से मना कर दिया था.
- उन्होंने कहा था "मैं केवल अकादमिक या मेरे काम से जुड़े संस्थानों से पुरस्कार स्वीकार करती हूं, न कि राजकीय पुरस्कार.''
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Romila Thapar, Romila, JNU