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Success Story: 6 बार फेल, पर नहीं हारे... 7वें प्रयास में 67वीं रैंक, IFS परीक्षा क्रैक कर सौरभ सिंह ने गाड़ा सफलता का झंडा

Success Story: उत्तर प्रदेश के लखनऊ के रहने वाले सौरभ सिंह ने यूपीएससी आईएफएस परीक्षा 2026 में 67वीं रैंक हासिल की है. हालांकि उनके लिए यह सफलता आसान नहीं थी. वो लगातार फेल हो रहे हैं, लेकिन सपने के प्रति उनका जुनून और इरादा पक्का था. हालांकि वो सातवें प्रयास में यह मुकाम हासिल की.

Success Story: 6 बार फेल, पर नहीं हारे... 7वें प्रयास में 67वीं रैंक, IFS परीक्षा क्रैक कर सौरभ सिंह ने गाड़ा सफलता का झंडा
Saurabh Singh Success Story: 6 बार असफलता, पर नहीं मानी हार... सातवें प्रयास में UPSC IFS परीक्षा में हासिल की 67वीं रैंक

Saurabh Singh Success Story: मेहनत, लगन, धैर्य और जुनून से सफलता की ऊचाइयां छूने वाले मोहनलालगंज के सौरभ सिंह (Saurabh Singh) ने यूपीएससी आईएफएस परीक्षा 2026 (UPSC IFS Exam 2026) में 67वीं रैंक हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है. यहां तक पहुंचना सौरभ के लिए आसान नहीं था. उन्हें छह बार असफलताओं का सामना करना पड़ा, लेकिन सौरभ नहीं हारे. उन्होंने सातवें प्रयास में यह मुकाम हासिल किया है.

पिता के सपने को किया साकार

सौरभ सिंह उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के लखनऊ के मोहनलालगंज तहसील (Mohanlalganj tehsil) के खुजेहटा मजरा बेलहिया खेड़ा गांव के रहने वाले हैं. उनके पिता वीरेंद्र कुमार सेना के आर्मी मेडिकल कोर में हवलदार थे. हालांकि वो 2011 में रिटायर्ड हो गए. वहीं मां गीता देवी गृहिणी है. पिता का सपना था कि उनका बेटा देशसेवा में अधिकारी बने. सौरभ ने इस सपने को अपना संकल्प बना लिया... वहीं मां गीता का भी बेटे की पढ़ाई में काफी सहयोग रहा. 

सौरभ सिंह कहते हैं कि असफलताओं ने मुझे तोड़ नहीं सकीं, बल्कि हर बार मुझे और मजबूत किया... मेरा मानना है कि अगर लक्ष्य बड़ा और नीयत साफ हो तो सफलता जरूर मिलती है. 

सातवें प्रयास में हासिल की सफलता

सौरभ के लिए यह सफलता आसान नहीं थी. वो पहली बार 2018 में यूपीएससी की परीक्षा में बैठे. फिर 2019 और 2020 में लगातार प्रयास किए... सौरभ सिंह चार बार इंटरव्यू तक पहुंचे, लेकिन बार बार उन्हें असफलताओं का सामना करना... लेकिन कि उन्होंने हार नहीं मानी और निरंतर प्रयास जारी रखा. इसी बीच 2021 में उनका चयन डिप्टी जेलर के पद पर हुआ. 

नौकरी के साथ आईएफएस परीक्षा की तैयारी की

डिप्टी जेलर की नौकरी की जिम्मेदारियों के बावजूद उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी और नौकरी के साथ-साथ आईएफएस परीक्षा की तैयारी करते रहे. उन्होंने अपने हौसले को कभी कमजोर होने नहीं दिया. सौरभ सिंह की सफलता की कहानी कई युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है...

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