गणतंत्र दिवस (Republic Day) 26 जनवरी को मनाया जाता है. 1950 में 26 जनवरी (26 January) के दिन ही भारत सरकार अधिनियम (एक्ट) (1935) को हटाकर भारत का संविधान लागू किया गया था. 26 जनवरी 1950 को सुबह 10.18 बजे भारत एक गणतंत्र बना. इस के छह मिनट बाद 10.24 बजे राजेंद्र प्रसाद ने भारत के पहले राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी. इस दिन पहली बार बतौर राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद बग्गी पर बैठकर राष्ट्रपति भवन से निकले थे. इस दिन पहली बार उन्होंने भारतीय सैन्य बल की सलामी ली थी. पहली बार उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया था. बता दें कि एक स्वतंत्र गणराज्य बनने के लिए संविधान को 26 नवंबर 1949 को भारतीय संविधान सभा द्वारा अपनाया गया. डॉ. भीमराव आंबेडकर, जवाहरलाल नेहरू, डॉ राजेन्द्र प्रसाद, सरदार वल्लभ भाई पटेल, मौलाना अबुल कलाम आजाद आदि इस सभा के प्रमुख सदस्य थे. डॉ भीमराव अम्बेडकर के नेतृत्व में हमारे देश का संविधान लिखा गया, जिसे लिखने में पूरे 2 साल 11 महीने और 18 दिन लगे. बता दें कि पूर्ण स्वराज दिवस (26 जनवरी 1930) को ध्यान में रखते हुए भारतीय संविधान 26 जनवरी को लागू किया गया था. गणतंत्र दिवस (Indian Republic Day) के अवसर पर राष्ट्रपति तिरंगा फहराते हैं और हर साल 21 तोपों की सलामी दी जाती है.
26 जनवरी को ही क्यों मनाया जाता है गणतंत्र दिवस?
26 जनवरी (26 January) का दिन भारत के इतिहास में विशेष महत्व रखता है. इस दिन कई ऐतिहासिक घटनाएं हुई थी. साल 1929 में दिसंबर में लाहौर में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अधिवेशन पंडित जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में हुआ. इस अधिवेशन में प्रस्ताव पारित कर इस बात की घोषणा की गई कि यदि अंग्रेज सरकार द्वारा 26 जनवरी 1930 तक भारत को डोमीनियन का दर्जा नहीं दिया गया तो भारत को पूर्ण रूप से स्वतंत्र देश घोषित कर दिया जाएगा. जब अंग्रेज सरकार ने कुछ नहीं किया तब कांग्रेस ने 26 जनवरी 1930 को भारत को पूर्ण स्वराज घोषित कर दिया. भारत की आजादी के बाद संविधान सभा की घोषणा की गई जिसने अपना कार्य 9 दिसम्बर 1947 से शुरु किया. संविधान सभा ने 2 साल, 11 महीने, 18 दिन में भारतीय संविधान का निर्माण किया.
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26 नवंबर 1949 को संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र प्रसाद को भारतीय संविधान सुपूर्द किया गया, इसी लिए हर साल 26 नवंबर को संविधान दिवस (Constitution Day) के रूप में मनाया जाता है. बता दें कि अनेक सुधारों और बदलावों के बाद सभा के 308 सदस्यों ने 24 जनवरी 1950 को संविधान की दो हस्तलिखित कॉपियों पर हस्ताक्षर किये. इसके दो दिन बाद संविधान 26 जनवरी को देश भर में लागू हो गया. 26 जनवरी का महत्व बनाए रखने के लिए इसी दिन संविधान निर्मात्री सभा (कांस्टीट्यूएंट असेंबली) द्वारा स्वीकृत संविधान में भारत के गणतंत्र स्वरूप को मान्यता प्रदान की गई. इसलिए 26 जनवरी (26th January) को हर साल गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है.
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