महाराष्ट्र से डॉक्टरी की पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए अब उसी इंस्टीट्यूट से अनिवार्य इंटर्नशिप पूरा करना जरूरी होगा, जहां से वो मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं. महाराष्ट्र यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (Maharashtra University of Health Sciences) ने मेडिकल की पढ़ाई कर रहे छात्रों को स्पष्ट किया है कि मेडिकल के छात्रों को उसी कॉलेज में अपनी अनिवार्य 12 महीने की इंटर्नशिप पूरी करनी होगी जहां वे अपनी डिग्री हासिल कर रहे हैं. एमयूएचएस (MUHS) ने नेशनल मेडिकल काउंसिल (National Medical Council) द्वारा जारी नए इंटर्नशिप दिशानिर्देशों का पालन करते हुए मंगलवार, 3 मई, 2022 को एक सर्कुलर जारी किया.
एनएमसी द्वारा इंटर्नशिप दिशानिर्देशों पर जारी नए गजट के अनुसार, एक्सटर्नशिप, जहां छात्र एमबीबीएस पाठ्यक्रमों के लिए नामांकित संस्थान के अलावा मेडिकल कॉलेजों से जुड़े अस्पतालों में अपनी इंटर्नशिप कर सकते हैं, की अब अनुमति नहीं है.
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एमयूएचएस द्वारा जारी एक परिपत्र के अनुसार, “पिछले साल तक छात्र अन्य विश्वविद्यालयों में अपनी इंटर्नशिप कर सकते थे, जिसमें महाराष्ट्र में डीम्ड संस्थान / विश्वविद्यालय शामिल थे, अब बंद किया जा रहा है. छात्रों को उस विश्वविद्यालय में अपनी 12 महीने की इंटर्नशिप को पूरा करना होगा, जिसमें वे नामांकित हैं.”
पिछले साल जुलाई में, एनएमसी ने अनिवार्य रोटेटिंग इंटर्नशिप 2021 के लिए ड्राफ्ट रेगुलेशन जारी किया, जिसमें कहा गया था, “सभी भारतीय मेडिकल ग्रेजुएट्स को उस संस्थान में अनिवार्य रोटेटिंग इंटर्नशिप ट्रेनिंग (CRMI) की अपनी पूरी अवधि पूरी करनी होगी, जहां उन्होंने अपना बैचलर ऑफ मेडिसिन एंड बैचलर ऑफ सर्जरी (एमबीबीएस) कोर्स पूरा किया है.
हालांकि, इसे उन छात्रों से आलोचना मिली, जो ऑनलाइन या अपने गृहनगर के कॉलेजों में व्याख्यान में भाग ले रहे थे. छात्र की मांग के जवाब में, 2021 में एनएमसी ने महामारी और लॉकडाउन को ध्यान में रखते हुए प्रावधान को एक वर्ष के लिए बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की.
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