गरीब बच्चों को पढ़ाने के लिए इस शिक्षक ने स्कूटी पर ही बना दिया 'मिनी स्कूल और लाइब्रेरी', गांवों में घूमकर छात्रों को यूं दे रहा शिक्षा

छात्रों को पढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश के सागर जिले में एक सरकारी स्कूल के शिक्षक ने एक नया और अनोखा तरीका ढूंढ निकाला है.

गरीब बच्चों को पढ़ाने के लिए इस शिक्षक ने स्कूटी पर ही बना दिया 'मिनी स्कूल और लाइब्रेरी', गांवों में घूमकर छात्रों को यूं दे रहा शिक्षा

गरीब बच्चों को पढ़ाने के लिए इस शिक्षक ने स्कूटी पर ही बना दिया 'मिनी स्कूल और लाइब्रेरी'.

नई दिल्ली:

कोरोना काल में देशभर के स्कूल एक बार फिर से बंद किए जा रहे हैं. जिन छात्रों के स्कूल COVID-19 महामारी के कारण बंद हो गए हैं और उनके पास ऑनलाइन क्लास लेने के लिए स्मार्टफोन और इंटरनेट कनेक्टिविटी नहीं है, ऐसे छात्रों को पढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश के सागर जिले में एक सरकारी स्कूल के शिक्षक ने एक नया और अनोखा तरीका ढूंढ निकाला है. आपको जानकार हैरानी होगी कि सरकारी स्कूल के शिक्षक ने अपने स्कूटर पर ही एक मिनी-स्कूल और लाइब्रेरी बना दी है. सागर चंद्र श्रीवास्तव गांवों में अपना स्कूटर लेकर जाते हैं और बच्चों को पढ़ाते हैं. इसके अलावा उन्हें अक्सर एक पेड़ की छांव में बच्चों को पढ़ाते हुए भी देखा जा सकता है. 

सागर चंद्र श्रीवास्तव ने कहा, "यहां ज्यादातर छात्र गरीब परिवारों के हैं और वे स्मार्टफोन नहीं खरीद सकते हैं. ऐसे में वे ऑनलाइन कक्षा का लाभ उठा नहीं पाते हैं."


उन्होंने आगे कहा, "हमें कई जगहों पर नेटवर्क कनेक्टिविटी नहीं मिलती है. मैं वीडियो डाउनलोड करता हूं और उन्हें मोबाइल पर दिखाता हूं और फिर मैं उन्हें स्कूटी पर पढ़ाना शुरू करता हूं, जिसमें एक तरफ हरे रंग का बोर्ड होता है और दूसरी तरफ किताबें होती हैं."

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वह छात्रों को पढ़ने के लिए किताबें भी देते हैं, जिन्हें छात्र  2 से 3 दिन तक रख सकते हैं.  उन्होंने यह भी कहा, "कई क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क का उपलब्ध न होना एक बड़ी समस्या है. इस बात को ध्यान में रखते हुए, मैंने 5 स्मार्टफोन खरीदे हैं, जो मैं अपनी कक्षा के छात्रों को देता हूं. छात्र पुस्तकालय की पुस्तकों को 2-3 दिनों के लिए रख सकते हैं."