देश के प्रमुख भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IITs) ने कैंपस प्लेसमेंट के दौरान नौकरी का ऑफर देने के बाद उसे वापस लेने वाली कंपनियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है. ऑल IITs प्लेसमेंट कमेटी (AIPC) ने 10 से अधिक कंपनियों को चेतावनी दी है कि वे छात्रों को दिए गए ऑफर को पूरा करें या फिर प्रभावित छात्रों को तीन महीने के वेतन के बराबर मुआवजा दें.
कंपनियों पर लगे ये आरोप
रिपोर्ट के अनुसार, Oracle, Interview Kickstart और SuperAGI समेत कई कंपनियों पर आरोप है कि उन्होंने 2026 बैच के छात्रों को दिए गए नौकरी के ऑफर को वापस ले लिया या उन्हें लागू नहीं किया. इससे लगभग 100 छात्र प्रभावित हुए हैं. अब AIPC ने इन कंपनियों को 15 अगस्त तक स्थिति स्पष्ट करने को कहा है और समाधान निकालने का समय दिया है.
छात्रों के भविष्य पर पड़ रहा सीधा असर
कैंपस प्लेसमेंट के दौरान नौकरी मिलने के बाद अधिकांश छात्र अन्य कंपनियों में आवेदन करना बंद कर देते हैं. कई संस्थानों में नियम भी होता है कि एक ऑफर स्वीकार करने के बाद छात्र अन्य इंटरव्यू में हिस्सा नहीं ले सकते हैं. ऐसे में अगर कंपनी लास्ट टाइम पर ऑफर वापस ले लेती है, तो छात्र के पास रोजगार के बहुत कम विकल्प बचते हैं.
कंपनियों के लिए सख्त नियम
AIPC के दिशा-निर्देशों के अनुसार, अगर कोई कंपनी बिना उचित कारण दिए नौकरी का ऑफर वापस लेती है, तो उसे प्रभावित छात्रों को तीन महीने के वेतन के बराबर मुआवजा देना पड़ सकता है. इसके अलावा भविष्य में ऐसी कंपनियों को IIT कैंपस प्लेसमेंट से प्रतिबंधित भी किया जा सकता है.
यह कदम इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि हाल के वर्षों में कुछ कंपनियों द्वारा ऑफर रद्द करने की घटनाएं बढ़ी हैं. वर्ष 2025 में भी 20 से अधिक कंपनियों को इसी तरह के व्यवहार के कारण IIT प्लेसमेंट ड्राइव से बाहर कर दिया गया था.
Oracle विवाद के बाद बढ़ी सख्ती
इस साल Oracle की कई IIT और NIT छात्रों को दिए गए फुल-टाइम और इंटर्नशिप ऑफर वापस लेने की खबरें सामने आई थीं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी के वैश्विक स्तर पर कर्मचारियों की छंटनी के बाद यह कदम उठाया गया था, जिससे दर्जनों छात्र प्रभावित हुए हैं.
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