खास बातें
- सेबी के अध्यक्ष यूके सिन्हा ने आज कहा कि नियामक यह सुनिश्चित करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहा है कि छोटे निवेशकों की बचत को कोई जोखिम नहीं हो।
नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में कम समय में अधिक लाभ का प्रलोभन देने वाली (पोंजी) योजनाओं में लाखों निवेशकों से कथित ठगी के घटनाक्रम के बीच भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के अध्यक्ष यूके सिन्हा ने आज कहा कि नियामक यह सुनिश्चित करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहा है कि छोटे निवेशकों की बचत को कोई जोखिम नहीं हो।
उन्होंने कहा, अपने क्षेत्राधिकार के दायरे में सेबी यह सुनिश्चित करने के लिए बेहद कड़ी मेहनत कर रहा है कि छोटे निवेशकों की बचत को कोई खतरा न हो। सिन्हा ने हालांकि, कहा कि सेबी की कुछ कानूनी सीमाएं हैं और वह खास कंपनियों से संबंधित खास मुद्दों पर टिप्पणी नहीं कर पाएंगे क्योंकि खास मामलों में कुछ अदालती और अर्ध न्यायिक आदेश रहे हैं।
उन्होंने कहा, मैं हालांकि, आप सबको आश्वस्त करना चाहूंगा कि हम अपने दायित्व के प्रति सतर्क हैं। वह कोलाकाता के शारदा समूह द्वारा निवेश योजनाओं के जरिये कथित धोखाधड़ी किए जाने के बारे में पूछे गए सवालों का जवाब दे रहे थे।
सिन्हा विश्व के प्रतिभूति नियामकों की वैश्विक इकाई आईओएससीओ की एशिया प्रशांत क्षेत्रीय समिति के यहां आयोजित एक सार्वजनिक सेमिनार में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार सभी तरह की सामूहिक निवेश योजनाओं के नियमन के लिए कानून बनाने पर गंभीरता से विचार कर रही है।
सेबी पहले ही सारदा रीयलिटी इंडिया को इसकी सभी सामूहिक योजनाओं को बंद करने और तीन महीने के भीतर निवेशकों का पैसा वापस करने का आदेश जारी कर चुका है।
बाजार नियामक ने शारदा रीयल्टी इंडिया और इसके प्रबंध निदेशक सुदीप्त सेन को इसकी सभी सामूहिक निवेश योजनाओं के बंद होने तथा निवेशकों की पूरी राशि लौटाए जाने तक सभी प्रतिभूति बाजारों से प्रतिबंधित भी कर दिया है।