यह ख़बर 26 जनवरी, 2012 को प्रकाशित हुई थी

अमेरिका ने की दवा कंपनी रेनबैक्सी के खिलाफ रोक की मांग

खास बातें

  • एक अभूतपूर्व कदम उठाते हुए अमेरिका के न्याय मंत्रालय ने दवा कंपनी रेनबैक्सी के खिलाफ स्थायी रूप से रोक की मांग की है।
वाशिंगटन:

एक अभूतपूर्व कदम उठाते हुए अमेरिका के न्याय मंत्रालय ने दवा कंपनी रेनबैक्सी के खिलाफ स्थायी रूप से रोक की मांग की है। इस वजह से भारतीय दवा कंपनी को अमेरिका और भारत स्थिति अपने संयंत्रों में महत्वपूर्ण सुधार करने होंगे। इसके अलावा कंपनी के अमेरिका स्थित कई संयंत्रों में दवा विनिर्माण का काम रूक सकता है।

मंत्रालय ने विनिर्माण मानकों के उल्लंघन और उसके द्वारा जमा किए गए आंकड़ों में समस्या का जिक्र करते हुए कंपनी के खिलाफ स्थायी तौर पर रोक लगाने के लिए अदालत में मामला दायर किया है।

खाद्य और दवा प्रशासन (एफडीए) के आग्रह पर समझौता आदेश दायर करने के बाद मंत्रालय के सहायक अटर्नी जनरल टोनी वेस्ट ने कहा, ‘अंतरराष्ट्रीय पहुंच के लिहाज से रेनबैक्सी के खिलाफ कार्रवाई एक अभूतपूर्व घटना है। कंपनी को अपने अमेरिका और भारत स्थित संयंत्रों में मौलिक परिवर्तन करना होगा।’ उन्होंने कहा, ‘हमलोग इस बात को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि अमेरिकी नागरिकों को सुरक्षित, प्रभावशाली और एफडीए के मानकों के अनुसार विनिर्मित दवा मिले।’ न्याय मंत्रालय ने कहा कि दायर मामला कार्यक्षेत्र के लिहाज से अभूतपूर्व है और रेनबैक्सी को हुए उल्लंघन में सुधार के लिए वृहद स्तर पर कदम उठाने होंगे और इस बात को सुनिश्चित करना होगा कि फिर कभी ऐसा न हो।

दायर किए गए समझौता आदेश में अन्य बातों के अलावा अमेरिकी मानकों को लागू करने तक रेनबैक्सी के कुछ खास संयंत्रों में अमेरिका के लिए दवा के विनिर्माण पर रोक लगाने की मांग की गई है।

अदालत द्वारा इस समझौता आदेश की मंजूरी मिलने पर यह न्यायालय का आदेश बन जाएगा जिसे पालन करना रेनबैक्सी के लिए अनिवर्या होगा अथवा उसे अदालती अवमानना का सामना करना पड़ेगा।

पूर्व के दवा आवेदनों में गलत आंकड़ा देने का उल्लेख करते हुए कहा गया है भविष्य में ऐसा करने से कंपनी को रोका जाए। रेनबैक्सी ने बयान जारी कर कहा कि पिछले साल 20 दिसंबर को हस्ताक्षरित समझौता आदेश के शर्तों के मुताबिक वह आंकड़ों में समेकण और मौजूदा वस्तु विनिर्माण प्रक्रियाओं और नीतियों को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक अरूण साहनी ने कहा, ‘आज की गई घोषणा विधि से जुड़े मामले को एफडीए के साथ सुलझाने की दिशा में अग्रगामी कदम है।’