खास बातें
- आईएमएफ की प्रबंध निदेशक क्रिस्टीन लागार्दे ने वाशिंगटन स्थित थिंक टैंक ब्रूकिंग्स इंस्टीट्यूशन में कहा, "आवासीय क्षेत्र और ऑटोमोबाइल क्षेत्र में मंदी से उबरने के बाद निजी मांग में धीमी वृद्धि हुई है। वित्तीय स्थितियां आसान बनाई गई हैं।"
वाशिंगटन: अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) का कहना है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था में गिरावट का कारण स्वयं अमेरिका और वहां के हालात हैं।
आईएमएफ की प्रबंध निदेशक क्रिस्टीन लागार्दे ने मंगलवार को वाशिंगटन स्थित थिंक टैंक ब्रूकिंग्स इंस्टीट्यूशन में कहा, "आवासीय क्षेत्र और ऑटोमोबाइल क्षेत्र में मंदी से उबरने के बाद निजी मांग में धीमी वृद्धि हुई है। वित्तीय स्थितियां आसान बनाई गई हैं। इन सबको देखते हुए हमें लगता है कि इस साल विकास दर दो प्रतिशत और अगले साल इससे अधिक रहेगी।"
आईएमएफ प्रमुख ने कहा कि इस प्रगति के बावजूद इस साल अमेरिका का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 2.5 प्रतिशत रहेगा।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, लागार्दे ने कहा कि अमेरिका की 'धीमी प्रगति' ने हालांकि वर्ष 2009 के मुकाबले वित्तीय घाटा को कम किया है, लेकिन लंबी अवधि के कर्ज अब भी चिंता का कारण हैं।
उनहोंने कहा, "लघु अवधि में वित्तीय समायोजन हालांकि अधिक तेजी से हो सकते हैं, लेकिन मध्यम अवधि में यह निश्चित रूप से बहुत धीमा रहेगा।"