Uniparts India IPO: 30 नवंबर को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा यूनिपार्ट्स इंडिया का आईपीओ, कमाई का शानदार मौका

Uniparts India IPO: इससे पहले यूनिपार्ट्स ने दिसंबर 2018 और सितंबर 2014 में मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास आईपीओ के  लिए शुरुआती दस्तावेज जमा किए थे.

Uniparts India IPO: 30 नवंबर को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा यूनिपार्ट्स इंडिया का आईपीओ, कमाई का शानदार मौका

Uniparts India IPO: यूनिपार्ट्स इंडिया की 75.54 फीसदी हिस्सेदारी प्रमोटरों के पास है.

नई दिल्ली:

Uniparts India IPO : इंजीनियरिंग सिस्टम्स एंड सॉल्यूशन प्रोवाइडर कंपनी यूनिपार्ट्स इंडिया (Uniparts India) अपना इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) लाने जा रही है. कंपनी का  तीन दिन का आईपीओ 30 नवंबर को पब्लिक सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा और दो दिसंबर को बंद होगा. मार्केट रेगुलेटर सिक्योरिटीज एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) के पास जमा रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) के अनुसार, एंकर निवेशक 29 नवंबर को शेयरों के लिए बोलियां लगा सकेंगे. यह आईपीओ पूरी तरह से प्रवर्तक समूह संस्थाओं और मौजूदा निवेशकों द्वारा 14,481,942 शेयरों की बिक्री पेशकश (ओएफएस) पर आधारित है. कंपनी को इस इश्यू के जरिये कोई आय प्राप्त नहीं होगी. 

इस इश्यू के लिए एक्सिस कैपिटल, DAM कैपिटल एडवाइजर्स और JM फाइनेंशियल मर्चेंट बैंकर के तौर पर अपना सहयोग देंगे.

कंपनी की ओर से इस आईपीओ (Uniparts India IPO) के तहत शेयरों की बिक्री के लिए प्राइस बैंड तय नहीं किया गया है. हालांकि, उम्मीद जताई जा रही है कि कंपनी जल्द ही शेयरों को बेचने के लिए प्राइस रेंज का एलान कर सकती है.

यूनिपार्ट्स इंडिया की 75.54 फीसदी हिस्सेदारी प्रमोटरों के पास मौजूद

आपको बता दें कि यूनिपार्ट्स इंडिया की 75.54 फीसदी हिस्सेदारी प्रमोटरों के पास है. कंपनी के प्रमोटरों में गुरदीप सोनी, परमजीत सिंह सोनी सहित कई नाम शामिल हैं.इसके अलावा कंपनी की बची हुई हिस्सेदारी इसके मौजूदा निवेशक अशोका इनवेस्टमेंट होल्डिंग्स और अंबादेवी मॉरीशस होल्डिंग्स के पास मौजूद है.

कंपनी ने आईपीओ की पेशकश के लिए पहले भी किया प्रयास

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यह कंपनी की तरफ से आईपीओ की पेशकश के लिए किया गया तीसरा प्रयास है, जो कि सफल हुआ है. इससे पहले यूनिपार्ट्स (Uniparts India IPO) ने दिसंबर 2018 और सितंबर 2014 में सेबी (SEBI) के पास आईपीओ के  लिए शुरुआती दस्तावेज जमा किए थे. जिसके लिए मार्केट रेगुलेटर ने मंजूरी भी दे दी थी. लेकिन कंपनी वह आईपीओ नहीं ला पाई थी.



(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

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