खास बातें
- वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने चेताया कि आने वाले महीने कठिन होंगे और चालू वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर घटकर 7 प्रतिशत से भी नीचे आ सकती है।
नई दिल्ली: वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने चेताया कि आने वाले महीने कठिन होंगे और चालू वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर घटकर 7 प्रतिशत से भी नीचे आ सकती है। पिछले वित्त वर्ष में वृद्धि दर 8.5 फीसद रही थी।
मुखर्जी ने कहा, ‘चालू वित्त वर्ष में हमारे सामने कठिन दो-तीन माह हैं। 2011-12 में हमारी आर्थिक वृद्धि दर 7 प्रतिशत के आसपास या उससे कुछ कम रह सकती है। वित्त वर्ष के लिए केंद्र सरकार के वित्त को लेकर भी चिंता है।’
वित्त मंत्री ने हालांकि उम्मीद जताई कि भारतीय रिजर्व बैंक 24 जनवरी को पेश होने वाली मौद्रिक नीति समीक्षा में उचित कदम उठाएगा, जिससे वृद्धि की रफ्तार को कायम रखा जा सकेगा।
मुखर्जी ने कहा, ‘मुझे भरोसा है कि आगे चलकर केंद्रीय बैंक महंगाई को काबू रखने और वृद्धि तथा रोजगार सृजन को लेकर संतुलन बैठाने के लिए कदम उठाएगा।’
चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में वृद्धि दर घटकर 7.3 प्रतिशत पर आ गई है। इससे पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह 8.6 फीसद रही थी।
राजकोषीय घाटे के बारे में वित्त मंत्री ने कहा कि चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही का प्रदर्शन प्राप्तियों और खर्च दोनों मोर्चों पर कुछ जोखिम पैदा करता है।