यह ख़बर 07 मार्च, 2011 को प्रकाशित हुई थी

ब्रांडेड कपड़ों पर उत्पाद शुल्क वापस हो : कपड़ा मंत्रालय

खास बातें

  • सेन्ट्रल कॉटेज इंडस्ट्रीज इम्पोरियम ऑफ इंडिया के एक समारोह के मौके पर कपड़ा सचिव रीता मेनन ने कहा, 'हम राजस्व सचिव को पत्र लिखेंगे।'
नई दिल्ली:

शॉपर्स स्टॉप और पैंटालून सहित खुदरा ब्रांडेड परिधान व्यापारियों के विरोध प्रदर्शन के बाद कपड़ा मंत्रालय ने ब्रांडेड परिधान पर उत्पाद शुल्क को वापस लिए जाने की मांग की है। रेडिमेड परिधान बेचने वाले व्यापारियों ने इस शुल्क के विरोध में सोमवार को हड़ताल की। सेन्ट्रल कॉटेज इंडस्ट्रीज इम्पोरियम ऑफ इंडिया के एक समारोह के मौके पर कपड़ा सचिव रीता मेनन ने कहा, 'हम राजस्व सचिव को पत्र लिखेंगे। हम उनसे अनुरोध कर रहे हैं, क्योंकि घरेलू खुदरा क्षेत्र, जिसे हम विकसित करने का प्रयास करना चाह रहे हैं, में तैयार उत्पादों की कीमत वास्तव में अधिक हो जाएगी।' उन्होंने कहा कि कर के दृष्टिकोण से कुछ मामूली लेवी तो लगाई जा सकती है लेकिन 10 प्रतिशत तो बड़ा बोझ है। बजट में ब्रांडेड परिधानों पर उत्पाद शुल्क को लगाने के प्रस्ताव के विरोध में शॉपर्स स्टॉप, पैंटालून, वेस्टसाइड, लाईफस्टाइल, मदुरा गारमेंट्स और अरविंद ब्रांड्स ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। उद्योग जगत के विशेषज्ञों के अनुसार अगर शुल्क लागू रहता है, तो इससे 50,000 परिधान ब्रांड प्रभावित होंगे। भारत में 1,00,000 करोड़ रुपये सालाना परिधान कारोबार में से करीब 60,000 करोड़ रुपये ब्रांडेड परिधानों का है।


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