मुंबई: देश की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर निर्यातक टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज टीसीएस का बीते वित्त वर्ष की चौथी तिमाही का शुद्ध लाभ 72.7 प्रतिशत की एक शानदार वृद्धि के साथ 6,413 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। कंपनी ने आईजीएएपी (सामान्य रूप से स्वीकृत भारतीय लेखा सिद्धांतों) के हिसाब से इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 3,713 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था। टाटा समूह की इस कंपनी की तिमाही की आय 17.5 प्रतिशत बढ़कर 28,449 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो एक साल पहले इसी तिमाही में 24,220 करोड़ रुपये थी।
डिजिटल प्लेटफॉर्म का प्रदर्शन मजबूत
टीसीएस के मुख्य कार्यकारी एवं प्रबंध निदेशक एन चंद्रशेखरन ने कहा, 'हमारे प्रमुख पोर्टफोलियो ने सीजन के हिसाब से कमजोर चौथी तिमाही में मजबूत प्रदर्शन किया। बीएफएसआई, खुदरा तथा विनिर्माण क्षेत्रों में मात्रा के हिसाब से जोरदार वृद्धि दर्ज की गई। इससे नए वित्त वर्ष में जाने के दौरान हमें अच्छी रफ्तार मिलेगी।' उच्च प्रभाव वाले डिजिटल प्लेटफॉर्म में निवेश से नतीजे मिल रहे हैं। इससे 2.3 अरब डॉलर का डिजिटल राजस्व हासिल हो पाया है। कंपनी की तिमाही की आमदनी में डिजिटल क्षेत्र का हिस्सा 15.5 प्रतिशत रहा।
पूरे 2015-16 के वित्त वर्ष में टीसीएस का शुद्ध लाभ 22.4 प्रतिशत बढ़कर 24,292 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जबकि इस दौरान कंपनी की आमदनी 14.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 1,08,646 करोड़ रुपये रही। जनवरी-मार्च की तिमाही में टीसीएस ने सकल रूप से 22,576 कर्मचारी जोड़े। इस तरह कंपनी के कर्मचारियों की संख्या बढ़कर 3,53,843 पर पहुंच गई। कंपनी छोड़ने वाले कर्मचारियों की दर एलटीएम आधार पर 15.5 प्रतिशत रही।
चंद्रशेखरन ने कहा कि कंपनी डिजिटल प्रतिभाओं के विकास में निवेश करना जारी रखेगी और इंटरनेट ऑफ थिंग्स, ऑटोमेशन तथा मशीन ज्ञान आदि उभरते क्षेत्रों में नए उत्पाद पेश करना जारी रखेगी।
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