खास बातें
- वित्तमंत्री ने कहा कि सरकार ने स्विसबैंक में जमा काले धन से जुड़े 17 लोगों को नोटिस जारी किया है, लेकिन उनके नाम सार्वजनिक करना संभव नहीं है।
Kolkata: वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा है कि सरकार ने स्विसबैंक में जमा काले धन से जुड़े 17 व्यक्तियों को नोटिस जारी किया है, लेकिन उनके नाम सार्वजनिक करना संभव नहीं है। उन्होंने कहा, हमें काले धन से जुड़े कुछ व्यक्तियों का पता चला है और उन सभी 17 लोगों को नोटिस भेज दिया गया है। सरकार ने उनके खिलाफ मामला चलाने की कार्यवाही शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि सरकार स्विसबैंक में कालाधन जमा कराने वालों का नाम उजागर नहीं कर सकती है। इसका इस्तेमाल केवल कर संबंधी उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है। मुखर्जी ने कहा, सरकार इस मामले से जुड़े नाम अपनी तरफ से उजागर नहीं कर सकती है, क्योंकि समझौते के अनुसार यह सूचना केवल कर संबंधी कार्यों के लिए इस्तेमाल की जा सकती है। उन्होंने कहा कि जब मामला सुनवाई के लिए अदालत में जाएगा, तब हम इस मामले से जुड़ी जानकारियों का खुलासा कर सकेंगे।पिछले महीने मुखर्जी ने कहा था कि अन्य देशों से की गई संधियों की विभिन्न धाराओं के मुताबिक सरकार विदेशों में काला धन जमा करने वाले लोगों के उन नामों का खुलासा नहीं कर सकती, जो भारत सरकार को इन संधियों के तहत प्राप्त हुए हैं। मुखर्जी ने विदेशों में भारतीयों का 462 अरब डॉलर से 1400 अरब डॉलर धन जमा होने का अनुमान जताया था। 25 जनवरी को एक संवाददाता सम्मेलन में मुखर्जी ने कहा था, हम कुछ छिपाना नहीं चाहते, लेकिन कुछ कानूनी बंदिशें हैं। मुखर्जी ने कहा कि सरकार ने काला धन जमा करने वाले लोगों के नाम सर्वोच्च न्यायालय को सील बंद लिफाफे में सौंप दिए हैं।