शेयर बाजार : मानसून पर रहेगी निगाह

फाइल फोटो

मुंबई:

शेयर बाजारों में आगामी सप्ताह में मानसून की प्रगति पर निवेशकों की निगाह टिकी रहेगी।

अगले सप्ताह निवेशकों की नजर विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (एफपीआई) और घरेलू संस्थागत निवेश (डीआईआई) के आंकड़ों, वैश्विक बाजारों के रुझान, डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल और तेल की कीमतों पर भी बनी रहेगी।

सरकार सोमवार 15 जून को मई महीने के लिए थोक महंगाई दर के आंकड़े जारी करेगी। अप्रैल 2015 में थोक महंगाई दर नकारात्मक 2.65 फीसदी थी।

आगामी सप्ताह में बाजार की चाल मानसून की प्रगति पर भी निर्भर करेगी। भारत मौसम कार्यालय ने मानसून के कमजोर रहने की उम्मीद जताई है। मानसून के दौरान कम बारिश होने से कृषि प्रभावित हो सकती है और इसके कारण अर्थव्यवस्था में मांग कमजोर रह सकती है, जिसका कई कंपनियों के शेयरों पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने गुरुवार 11 जून को अपनी रिपोर्ट में कहा कि मानसून पूर्वोत्तर, पश्चिम बंगाल के हिमालयी क्षेत्रों और सिक्किम के ऊपर गत 24 घंटे में सक्रिय रहा है। आईएमडी ने अपनी साप्ताहिक रिपोर्ट में कहा कि मानसून के अगले एक सप्ताह में दक्षिण भारत और पूर्वी भारत के कुछ क्षेत्रों में आगे बढ़ने की परिस्थिति तैयार है।

रिपोर्ट के मुताबिक, अगले दो सप्ताहों में मानसूनी बारिश औसत से अधिक होगी। तीसरे सप्ताह में मानसून उत्तर भारत के गंगा क्षेत्र में औसत से अधिक होगी। पूर्वोत्तर क्षेत्र के बारे में आईएमडी ने कहा कि अगले पांच दिन में बारिश औसत से अधिक होगी और उसके बाद कम होगी।

पूरे देश के लिहाज से मानसूनी बारिश अब तक औसत के बराबर हुई है। अलग-अलग क्षेत्रों के लिहाज से यह पूर्वोत्तर भारत में औसत से अधिक हुई है, लेकिन शेष इलाकों में औसत से कम रही है।

निवेशकों की निगाह अगले सप्ताह तेल कंपनियों के शेयरों पर भी रहेगी, क्योंकि सरकारी तेल विपणन कंपनियां तेल मूल्य की समीक्षा कर सकती हैं। ये कंपनियां पिछले दो सप्ताहों में रहे तेल मूल्यों के आधार पर हर महीने के मध्य और आखिर में तेल मूल्य की समीक्षा करती हैं।

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16-17 जून को अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीति निर्मात्री समिति फेडरल ओपेन मार्केट कमिटी (एफओएमसी) मौद्रिक नीति की समीक्षा के लिए बैठक करेगी।