खास बातें
- सीएमआईई ने कहा है कि अक्तूबर के बाद औद्योगिक तथा बुनियादी ढांचा निर्माण गतिविधियों में तेजी की संभावना है।
Mumbai: शोध संस्थान सेंटर फॉर मानिटरिंग इंडियन इकोनामी (सीएमआईई) ने कहा है कि अक्तूबर के बाद औद्योगिक तथा बुनियादी ढांचा निर्माण गतिविधियों में तेजी की संभावना है जिससे घरेलू स्टील कंपनियां कीमतों में वृद्धि कर सकती हैं। सीएमआईई ने अपनी मासिक समीक्षा में कहा है, औद्योगिक और निर्माण गतिविधियों में तेजी आने से स्टील कंपनियां अक्तूबर-नवंबर में कीमत बढ़ा सकती हैं। रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2011-12 में तैयार स्टील की कीमत 2010-11 के मुकाबले औसतन 7 प्रतिशत ऊंची रहने की संभावना है। स्टील की कीमत चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में पहले ही करीब 15 फीसद चढ़ चुकी है। हालांकि सीएमआईई ने तैयार स्टील के उत्पादन वृद्धि के अनुमान को वित्त वर्ष 2011-12 में 12 प्रतिशत से घटाकर 9.5 प्रतिशत कर दिया है। संस्थान के अनुसार, उत्पादन वृद्धि दर में कमी किए जाने का कारण पहली तिमाही में उम्मीद से कम मांग का रहना तथा कर्नाटक में स्टील इकाइयों को लौह अयस्क की कमी होने की आशंका है। सीएमआईई ने कहा, अगर उच्चतम न्यायालय का प्रतिबंध लंबे समय तक जारी रहता है तो कर्नाटक स्थित स्टील कारखानों को उत्पादन घटाना होगा। उल्लेखनीय है कि उच्चतम न्यायालय ने 29 जुलाई को कर्नाटक के बेल्लारी जिले में लौह अयस्क के खनन पर रोक लगा दी। रिपोर्ट के अनुसार तैयार स्टील की खपत पहली तिमाही में महज 1.9 प्रतिशत बढ़ी। जबकि उत्पादन वृद्धि दर इस अवधि में 7.8 प्रतिशत रही जो उम्मीद से कम है। हालांकि जून महीने में उत्पादन वृद्धि दर 12.5 प्रतिशत रही।