यह ख़बर 17 दिसंबर, 2014 को प्रकाशित हुई थी

तेल कंपनियों ने बंद की सप्लाई, स्पाइसजेट के विमान हुए 'धराशायी'

नई दिल्ली:

केंद्र सरकार ने डूबती हुए स्पाइसजेट कंपनी को जब मदद का ऐलान किया उसके कुछ ही समय बाद देश की तमाम तेल कंपनियों ने अपनी उधारी चुकता न करने के कारण स्पाइसजेट के जहाजों को तेल की आपूर्ति रोक दी। पीटीआई के सूत्रों का कहना है कि तेल कंपनियों के इस कदम के बाद स्पाइसजेट कंपनी ने अपने जहाजों का संचालन फिलहाल रोक दिया है।

मंगलवार को भी स्पाइसजेट की तमाम फ्लाइटों की उड़ानों में 5-6 घंटों की देरी बताई जा रही है। इसके पीछे भी यही वजह थी कि तेल कंपनियों ने ईंधन की सप्लाई रोक दी थी। दोपहर बाद ही स्पाइसजेट के विमान उड़ान भर सके थे।

उल्लेखनीय है कि स्पाइसजेट पर तेल कंपनियों की 2000 करोड़ से ज्यादा की देनदारी है और एयरपोर्ट का भी काफी बकाया है। साथ ही बताया जा रहा है कि कंपनी ने अपने कर्मचारियों का वेतन भी काफी समय से नहीं दिया है।

इन सब खबरों की बीच कंपनी के शेयरों में गिरावट देखी जा रही है।

किंगफिशर एयरलाइंस के बंद होने के बाद अब संकट के दौर से गुजर रही स्पाइसजेट को सरकार एडवांस टिकट बिक्री की इजाजत दे दे। गोरतलब है कि किंगफिशर एयरलाइंस को सरकार ने संकट के दौर पर इस प्रकार की गतिविधि करने से रोक दिया था। क्योंकि तमाम फ्लाइटों के रद हो जाने के कारण ग्राहकों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था।

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बताया जा रहा है कि सरकार एयरपोर्ट अथॉरिटी से स्पाइसजेट को बकाया चुकाने के लिए 15 दिन का समय देने को कहेगी और तेलकंपनियों को भी कहेगी कि 15 दिन तक और उधारी दे दे। इसके अलावा सरकार कंपनी के मालिक कलानिधि मारन की निजी बैंक गारंटी पर तमाम बैंकों से कंपनी को 600 करोड़ की उधारी देने को भी कह दे।