मुंबई: देश के शेयर बाजार में बुधवार को दोनों प्रमुख सूचकांकों में लाल निशान के साथ कारोबार की शुरुआत हुई. पिछले कुछ दिनों से जारी तेजी पर आज विराम लगा है. सुबह के कारोबार में सेंसेक्स 96 अंक नीचे 65382 पर और निफ्टी 28 अंक नीचे 19360 पर कारोबार कर रहा था. सुबह निफ्टी 50 में 29 शेयरों में खरीदारी दिखी जबकि 20 शेयरों में बिकवाली दिखी है. जिन शेयरों में यहां पर तेजी दिखाई दे रही है उनमें ICICIBANK, HEROMOTOCO, TATASTEEL, MARUTI, DIVISLAB के शेयर शामिल हैं. जबकि यहां जिन शेयरों में गिरावट देखी जा रही है उनमें HDFCBANK, ITC, COALINDIA, DRREDDY, M&M के शेयर शामिल हैं.
घरेलू शेयर बाजारों में मंगलवार को लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में तेजी जारी रही और बीएसई सेंसेक्स 274 अंक उछलकर 65,479.05 अंक के अपने नए सर्वकालिक उच्चस्तर पर पहुंच गया था. विदेशी संस्थागत निवेशकों का निवेश जारी रहने और निवेशकों की धारणा मजबूत होने से भी बाजार को समर्थन मिला है. इसके अलावा सूचकांक में मजबूत हिस्सेदारी रखने वाली बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, इन्फोसिस, एचडीएफसी बैंक और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के शेयरों में लिवाली से भी बाजार को समर्थन मिला था.
तीस शेयरों पर आधारित सेंसेक्स 274 अंक यानी 0.42 प्रतिशत की बढ़त के साथ अबतक के उच्चतम स्तर 65,479.05 अंक पर बंद हुआ था. कारोबार के दौरान, सेंसेक्स एक समय 467.92 अंक तक चढ़कर 65,672.97 अंक पर पहुंच गया था.
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 66.45 अंक यानी 0.34 प्रतिशत की तेजी के साथ 19,389 अंक के नये रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ था. कारोबार के दौरान यह एक समय 111.6 अंक की तेजी के साथ 19,434.15 अंक तक चला गया था.
सेंसेक्स के शेयरों में बजाज फाइनेंस सबसे अधिक 7.71 प्रतिशत मजबूत हुआ था. इसके अलावा बजाज फिनसर्व, टेक महिंद्रा, सन फार्मा, एनटीपीसी, टाइटन, विप्रो, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, कोटक महिंद्रा बैंक, इन्फोसिस, भारतीय स्टेट बैंक और आईटीसी में तेजी रही थी. दूसरी तरफ नुकसान में रहने वाले शेयरों में भारती एयरटेल, एक्सिस बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, इंडसइंड बैंक, टाटा स्टील और अल्ट्राटेक सीमेंट शामिल रहे थे.
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने सोमवार को 1,995.92 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर खरीदे थे. एफपीआई ने जून महीने में घरेलू शेयर बाजार में 47,148 करोड़ रुपये लगाए हैं. यह एफपीआई के निवेश का 10 माह का सबसे ऊंचा आंकड़ा है.