सुबह की तेजी बरकरार नहीं कर पाए शेयर बाजार, निफ्टी और सेंसेक्स मामूली तेजी के साथ बंद

सेंसेक्स में जहां 44 अंक की तेजी के साथ कारोबार समाप्त हुआ वहीं निफ्टी 20 अंक की तेजी के साथ बंद हुआ. सेंसेक्स में 61319 पर और निफ्टी 18035 पर बंद हुआ.

सुबह की तेजी बरकरार नहीं कर पाए शेयर बाजार, निफ्टी और सेंसेक्स मामूली तेजी के साथ बंद

मामूली तेजी के साथ बंद शेयर बाजार

मुंबई:

कारोबार के अंतिम समय में उतार-चढ़ाव से घरेलू शेयर बाजार में हल्की बढ़त रही और बीएसई सेंसेक्स 44 अंक के लाभ के साथ बंद हुआ. बढ़ती मुद्रास्फीति के साथ मौद्रिक नीति को और सख्त किये जाने की आशंका में बाजार में चिंता रही. तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स बृहस्पतिवार को 44.42 अंक यानी 0.07 प्रतिशत के लाभ के साथ 61,319.51 अंक पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान एक समय यह 407.16 अंक तक उछल गया था.

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 20 अंक यानी 0.11 प्रतिशत बढ़कर 18,035.85 अंक पर बंद हुआ. सेंसक्स के शेयरों में टेक महिंद्रा सबसे ज्यादा 5.58 प्रतिशत के लाभ में रहा. इसके अलावा नेस्ले इंडिया, टाटा स्टील, एनटीपीसी, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, एशियन पेंट्स, विप्रो और बजाज फिनसर्व भी लाभ में रहे. दूसरी तरफ नुकसान में रहने वाले शेयरों में महिंद्रा एंड महिंद्रा, हिंदुस्तान यूनिलीवर, एक्सिस बैंक और बजाज फाइनेंस शामिल हैं.

कोटक सिक्योरिटीज के इक्विटी शोध प्रमुख श्रीकांत चौहान ने कहा, ‘‘अत्यधिक उतार-चढ़ाव के बीच बाजार मामूली बढ़त में रहा. हाल के दिनों में अडाणी समूह की कंपनियों के शेयरों में गिरावट को देखते हुए ऐसा लगता है कि कारोबारी सतर्क रुख अपना रहे हैं.''

उन्होंने कहा, ‘‘मुद्रास्फीति में फिर से तेजी देखी जा रही है, इससे विभिन्न देशों के केंद्रीय बैंकों द्वारा नीतिगत दर में वृद्धि जारी रखे जाने की आशंका है. इससे आर्थिक वृद्धि के साथ धारणा प्रभावित हो सकती है.''

जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘आईटी शेयरों की अगुवाई में वैश्विक बाजार में तेजी का असर घरेलू बाजार पर दिखा. वहीं अप्रत्याशित लाभ कर में कटौती से तेल खोज और उत्पादन कंपनियां लाभ में रहीं. अमेरिका में रोजगार और खुदरा बिक्री के मजबूत आंकड़े अर्थव्यवस्था में मजबूती को दर्शाते हैं. हालांकि, मुद्रास्फीति चिंता का कारण बनी हुई है. मौद्रिक नीति को और सख्त किए जाने की आशंका से तेजी पर अंकुश लगा.''

सरकार ने डीजल और एटीएफ के निर्यात पर अप्रत्याशित लाभ कर में कटौती की है. इसके साथ ही घरेलू स्तर पर उत्पादित कच्चे तेल पर भी उपकर को कम कर दिया गया है.

घरेलू स्तर पर उत्पादित कच्चे तेल पर उपकर को 5,050 रुपये प्रति टन से घटाकर 4,350 रुपये प्रति टन कर दिया गया है. डीजल के निर्यात पर अप्रत्याशित लाभ कर को भी 7.5 रुपये से घटाकर 2.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया है. इसी तरह विमान ईंधन एटीएफ के निर्यात पर कर को छह रुपये प्रति लीटर से घटाकर 1.50 रुपये प्रति लीटर कर दिया है. एशिया के अन्य बाजारों में जापान का निक्की, दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और हांगकांग का हैंगसेंग लाभ में जबकि चीन का शंघाई कंपोजिट नुकसान में रहा.

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यूरोप के प्रमुख बाजारों में शुरुआती कारोबार में तेजी का रुख था. अमेरिकी बाजार बुधवार को लाभ में रहे थे. इस बीच, अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.35 प्रतिशत की गिरावट के साथ 85.08 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया. शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक शुद्ध लिवाल रहे. उन्होंने बुधवार को 432.15 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर खरीदे.