NTA UG 2026 : नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा नीट-यूजी 2026 को रद्द करने के फैसले ने देश भर के लाखों छात्रों और उनके परिवारों के बीच एक अजीब सी हलचल पैदा कर दी है. शिक्षा नगरी कोटा के प्रसिद्ध एजुकेशन एक्सपर्ट देव शर्मा के अनुसार, यह फैसला 'हर्ष और विषाद' का एक मिला-जुला संगम है. लेकिन इस समय सबसे बड़ी चुनौती उन मेधावी छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को संभालने की है, जो सफलता के बिल्कुल करीब थे.
मां-बाप बरतें ये सावधानीएजुकेशन एक्सपर्ट देव शर्मा ने बताया कि जिन विद्यार्थीयों ने बेहतरीन प्राप्त किए हैं वे इस समय भावनात्मक तौर पर कमजोर हो सकते हैं, सफलता की रेत अपने हाथ से खिसकते देख धैर्य एवं आपा दोनों खो सकते हैं. देव शर्मा ने बताया कि ऐसे विद्यार्थियों के अभिभावक किसी भी परिस्थिति में विद्यार्थी से अलग नहीं हों, विशेषकर शाम के समय अकेला नहीं छोड़े और रात के समय सोते समय भी उन्हें अकेला नहीं सोने दें. विद्यार्थी के अकेला होने के किसी भी बहाने को सफल नहीं होने दीजिए.
देव शर्मा ने बताया कि माता-पिता विद्यार्थी के व्यवहार-परिवर्तन का विशेष ध्यान रखें और व्यवहार में किसी भी प्रकार का परिवर्तन दिखाई देने पर विशेषज्ञों से तुरंत प्रभाव से संपर्क करें. विद्यार्थी का गुमसुम हो जाना, बातचीत करना बंद कर देना, खाने-पीने में ना-नुकुर करना गंभीर लक्षण है, इन पर गौर करें तथा सावधानी बरतें.
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