खास बातें
- सुप्रीम कोर्ट ने अपने पूर्व जज बीपी जीवन रेड्डी को एसआईटी का चेयरमैन और दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व जज एमबी शॉ को वाइस चेयरमैन बनाया है।
New Delhi: सुप्रीम कोर्ट ने काले धन का पता लगाने के लिए विशेष जांच दल बनाने की बात कही है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सरकार ने अप्रैल में जो हाई लेवल कमेटी बनाई है, उसे ही एसआईटी में बदल दिया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने अपने पूर्व जज बीपी जीवन रेड्डी को एसआईटी का चेयरमैन और दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व जज एमबी शॉ को वाइस चेयरमैन बनाया है।सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को विदेशी बैंकों में धन जमा कराने वाले लोगों का नाम उजागर करने का निर्देश देने से इनकार कर दिया। अलबत्ता न्यायालय ने सरकार को उन लोगों का नाम उजागर करने का निर्देश दिया, जिन्हें काला धन मामले में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।पीठ ने सरकार को निर्देश दिया कि वह उन सभी लोगों के नामों का खुलासा करे, जिन्हें काले धन से जुड़े मामले की जांच के तहत अधिकारियों ने कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। अदालत ने हालांकि स्पष्ट किया कि अधिकारी उन लोगों के नामों का खुलासा नहीं करें, जिनसे लिचटेंस्टीन बैंक समेत विदेशी बैंकों में धन जमा करने के मामले में पूछताछ नहीं की गई है। न्यायालय ने यह फैसला जाने-माने वकील राम जेठमलानी और अन्य लोगों की याचिका पर दिया है। याचिका में न्यायालय से मांग की गई थी कि वह सरकार को विदेशों में जमा काला धन वापस लाने का आदेश दे। शीर्ष अदालत ने सरकार को आदेश दिया कि वह एसआईटी के गठन के बारे में फौरन अधिसूचना जारी करे और सरकारी अधिकारी इस दल के साथ सहयोग करें। पीठ ने फैसला देते समय विदेशों में अवैध रूप से काला धन जमा करने वाले लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने में विफल रहने पर केंद्र सरकार के खिलाफ कई तीखी टिप्पणियां दीं। काले धन को देश के लिए बहुत ज्यादा खतरनाक बताते हुए अदालत ने कहा कि विदेशी बैंकों में जितनी मात्रा में काला धन जमा होता है, वह किसी देश की कमजोरी या नरमी का मोटे तौर पर पैमाना माना जा सकता है। पीठ ने कहा कि यह सरकार की ओर से की गई गंभीर चूक है, जिसका देश की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा पर प्रभाव पड़ता है।(इनपुट भाषा से भी)