एनएसई को-लोकेशन घोटाला: सैट ने एनएसई और पूर्व प्रमुखों पर सेबी का जुर्माना किया रद्द

को-लोकेशन मामले से संबंधित यह सेबी का दूसरा आदेश है जिसे एसएटी (SAT) ने रद्द कर दिया है. जनवरी 2023 में, अपीलीय न्यायाधिकरण ने बाजार नियामक के उस आदेश को रद्द कर दिया था, जिसमें एनएसई को गैरकानूनी लाभ से कमाए गए 624 करोड़ रुपये को वापस लेने का निर्देश दिया गया था .

एनएसई को-लोकेशन घोटाला: सैट ने एनएसई और पूर्व प्रमुखों पर सेबी का जुर्माना किया रद्द

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज.

नई दिल्ली:

प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण (Securities Appellate Tribunal  SAT) ने बुधवार को को-लोकेशन मामले की जांच के तहत नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (National Stock Exchange NSE ) पर 1 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाने के सेबी के आदेश को रद्द कर दिया है. अदालत ने एक्सचेंज के पूर्व प्रमुखों रवि नारायण और चित्रा रामकृष्ण पर लगाए गए 25 लाख रुपये के जुर्माने को भी रद्द कर दिया है.

बीक्यू प्राइम की रिपोर्ट के अनुसार को-लोकेशन मामले से संबंधित यह सेबी का दूसरा आदेश है जिसे एसएटी (SAT) ने रद्द किया है. जनवरी 2023 में, अपीलीय न्यायाधिकरण ने बाजार नियामक सेबी के उस आदेश को रद्द कर दिया था, जिसमें एनएसई को गैरकानूनी लाभ से कमाए गए 624 करोड़ रुपये को वापस लेने का निर्देश दिया गया था और साथ ही सेबी ने सतर्कता में हुई चूक के लिए 100 करोड़ रुपये का जुर्माना देने का भी आदेश दिया था.

सुनवाई के दौरान, एक्सचेंज ने कहा कि पुराने आदेश ने पहले ही जुर्माने के उद्देश्य को पूरा कर दिया है, जो एक निवारक (Deterrent) के रूप में कार्य करना था. चूंकि नियामक का उद्देश्य पहले से ही पुराने आदेश में शामिल है, इसलिए जुर्माने को अलग रखा जाना चाहिए.

कोर्ट में नारायण के वकील ने भी इसी तरह की दलीलें दीं. उनके अनुसार, वर्तमान आदेश स्टॉक एक्सचेंज और क्लियरिंग कॉर्पोरेशन विनियमों के तहत किया गया था, जो उल्लंघन के समय लागू नहीं थे. ट्रिब्यूनल ने पहले भी माना था कि यह वर्तमान मामले पर लागू नहीं होता है.

हालांकि, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के अनुसार, जुर्माना विभिन्न उल्लंघनों के लिए लगाया गया था और वर्तमान मामले में इस पर विचार करने की आवश्यकता नहीं है.

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बता दें कि को-लोकेशन मामले में इसी प्रकार की एक और अपील एसएटी के समक्ष लंबित है. बाजार नियामक ने एनएसई द्वारा कुछ ब्रोकरों को डार्क फाइबर केबल के रूप में दिए गए खास व्यवहार के लिए एक्सचेंज पर 90 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था.