खास बातें
- अमेरिका के फेडरल रिजर्व द्वारा मौद्रिक राहत योजना को समाप्त करने का संकेत दिए जाने के बाद डॉलर में फिर से मजबूती आने की संभावना के बाद रुपये में यह गिरावट देखी गई।
मुम्बई/नई दिल्ली: देश की मुद्रा रुपये ने गुरुवार को फिर डॉलर के मुकाबले एक नया रिकॉर्ड निचला स्तर प्रति डॉलर 59.93 रुपये को छू लिया। अमेरिका के फेडरल रिजर्व द्वारा मौद्रिक राहत योजना को समाप्त करने का संकेत दिए जाने के बाद डॉलर में फिर से मजबूती आने की सम्भावना के बाद रुपये में यह गिरावट देखी गई।
आंशिक रूप से परिवर्तनशील रुपये ने यहां अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में सुबह के सत्र में नए रिकार्ड निचले स्तर को छुआ। इससे पहले रुपये ने 11 जून को 58.98 का रिकार्ड निचला स्तर छुआ था। बुधवार को रुपया प्रति डॉलर 58.71 रुपये पर बंद हुआ था।
फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष बेन बर्नाके ने यह संकेत दिया कि इस साल के आखिर तक मौद्रिक राहत योजना की धीरे-धीरे समाप्ति शुरू की जाएगी। फेड के इस कदम से अन्य प्रतिस्पर्धी मुद्राओं के मुकाबले डॉलर में मजबूती आएगी।
सरकार द्वारा हालांकि अस्थिरता को थामने की बात कहने के बाद रुपये में रिकार्ड निचले स्तर से थोड़ी मजबूती आई। भारतीय समयानुसार दोपहर 1.15 बजे दिन में रुपया डॉलर के मुकाबले 59.78 पर कारोबार कर रहा था।
मुद्रा बाजार की अस्थिरता पर चर्चा के लिए वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक बैठक की। बैठक के बाद वित्त मंत्रालय में मुख्य आर्थिक सलाहकार रघुराम राजन ने कहा कि सरकार के पास विकल्पों की कमी नहीं है और वह मुद्रा बाजार में स्थिरता के लिए सरकार जरूरी कदम उठाएगी।
राजन ने संवाददाताओं से कहा, "हमारे पास विकल्पों की कमी नहीं है। जब भी जरूरत होगी हम तैयार रहेंगे। हमें अस्थिरता पसंद नहीं और जब जरूरी होगा हम कदम उठाएंगे।" राजन ने हालांकि कहा कि अधिक निराश होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि भारतीय मुद्रा किसी खतरे में नहीं है।
योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक जरूरत पड़ने पर कदम उठाएगा। अहलूवालिया ने कहा, "हम मुद्रा विनिमय की दर को बाजार की चाल के साथ बदलने की अनुमति दे रहे हैं। रिजर्व बैंक जब भी जरूरत समझेगा, कदम उठाएगा।"
अहलूवालिया ने कहा कि चालू खाता घाटा की अधिकता के कारण भारतीय मुद्रा अन्य एशियाई मुद्राओं के मुकाबले अधिक गिरावट का शिकार हुआ है।