खास बातें
- डॉलर के मुकाबले रुपया में भारी गिरावट के चलते सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनियों को डीजल और रसोई गैस की बिक्री पर नुकसान 1,58,000 करोड़ रुपये पहुंचने का अनुमान है।
नई दिल्ली: डॉलर के मुकाबले रुपया में भारी गिरावट के चलते सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनियों को डीजल और रसोई गैस की बिक्री पर नुकसान 1,58,000 करोड़ रुपये पहुंचने का अनुमान है।
इस साल की शुरुआत में ईंधन के मूल्य निर्धारण को लेकर की गई सुधारों की पहल से लाभ मिलने लगे थे, लेकिन रुपये में गिरावट ने यह लाभ चट कर लिया।
सूत्रों ने कहा कि डॉलर की तुलना में रुपया 60 के स्तर से नीचे जाने से डीजल की बिक्री पर नुकसान बढ़कर 7.10 रुपये पर पहुंच गया है।
उन्होंने कहा कि कच्चे तेल की कीमत 105 डॉलर प्रति बैरल मान लें और रुपये की विनिमय दर 60 रुपये प्रति डॉलर मानें तो राजस्व नुकसान 1,58,102 करोड़ रुपये रहने की संभावना है।
पेट्रोलियम कंपनियों को 2012.13 में 107.07 डॉलर प्रति बैरल के औसत मूल्य और 54.45 की विनिमय दर के आधार पर 1,61,029 करोड़ रुपये राजस्व नुकसान हुआ था।