खास बातें
- डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट का दौर जारी है। तेल आयातकों की तरफ से मासांत डॉलर मांग से रुपया पिछले बंद भाव की तुलना में 41 पैसे और लुढ़ककर 59.68 रुपये प्रति डॉलर के नए निचले स्तर तक गिर गया।
मुंबई: डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट का दौर जारी है। तेल आयातकों की तरफ से मासांत डॉलर मांग से रुपया पिछले बंद भाव की तुलना में 41 पैसे और लुढ़ककर 59.68 रुपये प्रति डॉलर के नए निचले स्तर तक गिर गया।
डॉलर के मुकाबले रुपये के 60 रुपये की और लुढ़कते जाने पर बाजार में रिजर्व बैंक के हस्तक्षेप की चर्चा थी।
अन्तरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में घरेलू मुद्रा 59.55 रुपये प्रति डॉलर पर कमजोर खुली और निरंतर गिरावट के साथ 59.83 रुपये प्रति डॉलर के निम्न स्तर को छू गई। अंत में यह कुछ सुधरकर 59.68 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुई लेकिन फिर भी 41 पैसे अथवा 0.69 प्रतिशत नीचे आ गई।
इससे पहले, 20 जून को रुपया 59.57 रुपये प्रति डॉलर के सर्वकालिक निम्न स्तर को छू गया था। आज यह इससे भी नीचे 59.68 रुपये प्रति डॉलर पर पहुंच गया।
शेयर बाजार प्राथमिक आंकड़ों के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशकों ने शेयर बाजार से 25 करोड़ डॉलर (1,552.98 करोड़ रुपये) की धन निकासी की।
एक प्रमुख निजी बैंक के फॉरेक्स प्रमुख ने कहा कि रुपये के सर्वकालिक कारोबार के निम्न स्तर पर गिरने के बीच सार्वजनिक उपक्रम के बैंकों को रिजर्व बैंक की ओर से डॉलर की बिकवाली करते देखा गया जिसने कुछ हद तक रुपये को मदद पहुंचाई।
सरकार के अर्थव्यवस्था के पुनरोत्थान के प्रयासों के बीच कमजोर रुपये का मूल्य वृद्धि पर प्रतिकूल असर हुआ है क्योंकि तेल का आयात काफी महंगा हो गया है।
बंबई शेयर बाजार का सूचकांक 233.35 अंक की गिरावट के साथ दो माह से भी अधिक के निम्न स्तर पर बंद हुआ।
रिजर्व बैंक ने डॉलर, रुपया कारोबार के लिए संदर्भ दर 59.7340 रुपये प्रति डॉलर और यूरो के लिए 78.2286 रुपये प्रति यूरो निर्धारित किया।
पाउंड और जापानी येन के मुकाबले रुपये में गिरावट आई जबकि यूरो के मुकाबले इसमें सुधार आया।