खास बातें
- सभी बड़ी परिधान कंपनियों के साथ 4,000 छोटे रिटेलरों ने सोमवार को अपने शोरूम बंद रखने का फैसला किया है।
नई दिल्ली/मुंबई: ब्रांडेड कपड़ों पर उत्पाद शुल्क लगाए जाने के विरोध में देशभर के कपड़ा व्यापारी सोमवार को बंद रखेंगे। पेंटालूंस, शॉपर्स स्टॉप, वेस्टसाइड, लाइफस्टाइल व मदुरा गारमेंट्स सहित तमाम बड़ी परिधान कंपनियों ने सरकार पर इस फैसले को बदलने के लिए दबाव बनाने के लिए यह फैसला किया है। रिटेलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के सीईओ कुमार राजगोपालन ने कहा, 'बजट में सिले हुए ब्रांडेड कपड़ों को 10 प्रतिशत उत्पाद शुल्क दायरे में लाए जाने के विरोध में गारमेंट खुदरा ब्रिकी स्टोर सोमवार को बंद रहेंगे।' उधर, मुंबई में क्लोदिंग मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीएमएआई) ने भी कहा कि हाल ही में बजट में ब्रांडेड वस्त्रों पर 10 प्रतिशत शुल्क लगाए जाने के खिलाफ सोमवार को देशभर में एक दिन का बंद रखा जाएगा। सीएमएआई के अध्यक्ष राहुल मेहता ने कहा कि पेंटालून, बिग बाजार, शॉपर्स स्टॉप, वेस्टसाइड, ग्लोबस एवं रिलायंस जैसे अग्रणी डिपार्टमेंटल स्टोर्स द्वारा इस सांकेतिक हड़ताल में शामिल होने की संभावना है। दूसरी ओर, राजगोपालन ने कहा कि सभी बड़ी परिधान कंपनियों के साथ 4,000 छोटे रिटेलरों ने सोमवार को अपने शोरूम बंद रखने का फैसला किया है। सरकार ने आम बजट में ब्रांडेड परिधानों पर 10 प्रतिशत उत्पाद शुल्क लगाने का प्रस्ताव किया है। उन्होंने कहा कि भारत में लगभग 50,000 परिधान ब्रांड हैं जिन पर इस घोषणा का असर होगा। राजगोपालन ने कहा कि भारत में परिधानों का सालना कारोबार 1,00,000 करोड़ रुपये का है जिसमें से 60,000 करोड़ रुपये ब्रांडेड परिधानों से आते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार पर अपने फैसले पर पुनर्विचार के लिए दबाव डालने के लिए यह पहल की गई है।