यह ख़बर 13 मई, 2013 को प्रकाशित हुई थी

खुदरा मुद्रास्फीति अप्रैल में घटकर 9.39 प्रतिशत पर पहुंची

खास बातें

  • सब्जियों, खाद्य तेल और प्रोटीन युक्त उत्पादों की कीमत घटने के कारण खुदरा मुद्रास्फीति अप्रैल में लगातार दूसरे महीने तेजी से घटकर 9.39 प्रतिशत पर आ गई।
नई दिल्ली:

सब्जियों, खाद्य तेल और प्रोटीन युक्त उत्पादों की कीमत घटने के कारण खुदरा मुद्रास्फीति अप्रैल में लगातार दूसरे महीने तेजी से घटकर 9.39 प्रतिशत पर आ गई।

उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित मुद्रास्फीति मार्च में 10.39 प्रतिशत थी।

सब्जियों के खंड में कीमत अप्रैल में घटकर 5.43 प्रतिशत पर आ गई, जो मार्च में 12.16 प्रतिशत थी। अंडा, मांस और मछली जैसे प्रोटीनयुक्त उत्पादों की मुद्रास्फीति अप्रैल में 13.60 प्रतिशत थी। तेल एवं वसा खंड में यह 7.52 प्रतिशत थी।

खाद्य एवं पेय खंड में मंहगाई दर 10.61 प्रतिशत थी जो मार्च में 12.42 प्रतिशत थी।

आज यहां जारी आंकड़े के मुताबिक, अप्रैल में खुदरा मुद्रास्फीति के सभी खंडों में अनाज की मंहगाई दर 16.65 प्रतिशत थी।

दाल की मंहगाई दर सालाना स्तर पर 10.91 प्रतिशत रही जबकि चीनी की कीमत 10.49 प्रतिशत बढ़ी।
 अप्रैल के महीने में कपड़े और जूते-चप्पल खंड में मंहगाई दर 10.22 प्रतिशत थी।

शहरी इलाकों में खुदरा मुद्रास्फीति अप्रैल में 9.73 प्रतिशत रही जो मार्च में 10.38 प्रतिशत थी। इस महीने ग्रामीण इलाकों में खुदरा मुद्रास्फीति घटकर 9.16 प्रतिशत पर आ गई, जो मार्च में 10.33 प्रतिशत थी। फरवरी 2013 में खुदरा मुद्रास्फीति 10.91 प्रतिशत थी।

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थोकमूल्य आधारित मुद्रास्फीति का आंकड़ा मंगलवार को आने की उम्मीद है। सकल मुद्रास्फीति का मार्च का आंकड़ा संशोधित कर 5.96 प्रतिशत कर दिया गया, लेकिन यह अभी भी आरबीआई के सुकूनदेह स्तर से ऊपर है।