खास बातें
- जमीन-जायदाद के शोध से जुड़ी कंपनी प्रोप इक्विटी ने कहा है कि लागत बढ़ने से रीयल एस्टेट क्षेत्र के प्रभावित होने की आशंका है।
Mumbai: जमीन-जायदाद के शोध से जुड़ी कंपनी प्रोप इक्विटी ने कहा है कि लागत बढ़ने से रीयल एस्टेट क्षेत्र के प्रभावित होने की आशंका है। प्रोप इक्विटी के एक अध्ययन में कहा गया है कि निर्माण कार्यों में इस्तेमाल होने वाले स्टील, सीमेंट, श्रम तथा ईंट जैसे चार प्रमुख तत्वों को ध्यान में रखते हुए इस साल 2009 के मुकाबले निर्माण लागत में 18 प्रतिशत की सकल वृद्धि हुई है। लागत बढ़ने से कंपनियों के मुनाफे पर असर पड़ेगा। लागत बढ़ने से समय पर रिहायशी इकाइयों की समय पर आपूर्ति करने में भी समस्या आ सकती है। अध्ययन के मुताबिक ऐसा अनुमान है कि 2011-13 में 11 शहरों में 4,80,000 आवासीय इकाइयों को तैयार किया जाना था, लेकिन इनकी आपूर्ति में देरी होने की आशंका है। ये इकाईयां सस्ती, मझोली एवं लक्जरी श्रेणी की हैं। प्रोप इक्विटी ने अपने अध्ययन में 11 शहरों के 1,500 डेवलपरों की 10,000 परियोजनाओं को शामिल किया है।