रेनो अपनी कार में बदलाव करती आ रही है.
नई दिल्ली: फ्रांसीसी वाहन कंपनी रेनो ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसने भारत में अपने सभी वाहनों को प्रदूषण उत्सर्जन के आगामी सख्त मानकों के अनुरूप उन्नत कर दिया है. रेनो इंडिया ने बयान में कहा कि अब भारत में उपलब्ध उसके सभी मॉडल बीएस-6 (भारत चरण-6) उत्सर्जन मानकों के दूसरे चरण के हिसाब से उन्नत कर दिए गए हैं. प्रदूषण मानकों का दूसरा चरण एक अप्रैल, 2023 से लागू होने वाला है.
दूसरे चरण के बीएस-6 मानकों के तहत वाहनों में वास्तविक समय में उत्सर्जन स्तर को दिखाना जरूरी होगा. इसके लिए वाहनों में कैटेलिटिक कन्वर्टर और ऑक्सीजन सेंसर लगाने होंगे.
रेनो इंडिया के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) वेंकटराम ममिलापल्ले ने कहा, ‘‘सभी मॉडलों में बीएस-6 मानक के दूसरे चरण के अनुकूल पेट्रोल इंजन होने से उत्सर्जन में खासी कमी होगी. इससे सुरक्षित एवं स्वच्छ पर्यावरण में कंपनी योगदान दे पाएगी.''
इसके साथ ही कंपनी ने क्विड, काइगर और ट्राइबर मॉडलों में कुछ नई सुरक्षा खूबियां भी जोड़ी हैं. अब कंपनी के सभी मॉडल इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी प्रोग्राम (ईएसपी), हिल स्टार्ट असिस्ट (एचएसए), ट्रैक्शन कंट्रोल सिस्टम (टीसीएस) और टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम (टीपीएमएस) से लैस होंगे.