यह ख़बर 17 जून, 2011 को प्रकाशित हुई थी

तीन सप्ताह के निचले स्तर पर सेंसेक्स

खास बातें

  • रिजर्व बैंक द्वारा नीतिगत ब्याज दरें बढ़ाए जाने और यूरो ऋण संकट गहराने से स्थानीय बाजार में गिरावट जारी रही।
मुंबई:

रिजर्व बैंक द्वारा नीतिगत ब्याज दरें बढ़ाए जाने और यूरो ऋण संकट गहराने से स्थानीय बाजार में गिरावट जारी रही तथा बंबई शेयर बाजार (बीएसई) का सेंसेक्स 115 अंक टूटकर तीन सप्ताह के निचले स्तर पर आ गया। सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों के शेयरों में बिकवाली का दबाव कुछ अधिक रहा। अन्य एशियाई बाजारों में कमजोर रुख और यूरोपीय बाजारों के कमजोरी के साथ खुलने से भी घरेलू बाजार प्रभावित हुआ। पिछले दो कारोबारी सत्रों में 323 अंक गंवाने वाला सेंसेक्स 115.35 अंक टूटकर 17,870.53 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह ऊपर में 18,064.76 तक और नीचे में 17,844.09 अंक तक गया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 30.35 अंक की गिरावट के साथ 5,366.40 अंक पर बंद हुआ। इस दौरान आईटी और रिफाइनरी शेयर बिकवाली दबाव में रहे। बिकवाली की मार सबसे अधिक आईटी सूचकांक पर पड़ी जिससे यह 1.94 प्रतिशत टूटकर 5,818.66 अंक पर बंद हुआ। इसके बाद, दूसरे स्थान पर तेल एवं गैस सूचकांक रहा जो 1.56 प्रतिशत टूटकर 8,974.97 अंक पर बंद हुआ। बोनांजा पोर्टफोलियो के वरिष्ठ विश्लेषक शानू गोयल ने कहा, यूनान का ऋण संकट गहराने से वैश्विक बाजारों की धारणा कमजोर हुई जिसका असर घरेलू बाजार पर भी पड़ा। दिग्गज कंपनी आरआईएल का शेयर भारी बिकवाली दबाव में रहा और यह 2.21 प्रतिशत टूटकर बंद हुआ। वहीं टीसीएस 3.5 प्रतिशत, विप्रो 1.64 प्रतिशत और इन्फोसिस 1.29 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ।


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