खास बातें
- आरबीआई के गवर्नर ने रेपो रेट 6.5 से बढ़ाकर 6.75 प्रतिशत और रिवर्स रेपो रेट 5.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 5.75 प्रतिशत करने की घोषणा की।
Mumbai: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बृहस्पतिवार को अपनी कर्ज और उधारी दरों में 25 आधार अंकों की वृद्धि की है। महंगाई पर नियंत्रण के लिए आरबीआई ने 15 महीनों में आठवीं बार ब्याज दरों में वृद्धि की है। इस कदम से व्यापारिक, आवास और वाहन क्षेत्र के लिए कर्ज महंगा होने के आसार हैं। आरबीआई के गवर्नर डी. सुब्बाराव ने रेपो रेट 6.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 6.75 प्रतिशत और रिवर्स रेपो रेट 5.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 5.75 प्रतिशत करने की घोषणा की। नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) और सांविधिक तरलता अनुपात (एसएलआर) में कोई बदलाव नहीं किया गया है। मुम्बई के मिंट रोड स्थित आरबीआई मुख्यालय में बैंक के गवर्नर द्वारा जारी अर्धतिमाही समीक्षा में पिछले साल के जनवरी महीने के बाद से आठवीं बार ब्याज दरों में वृद्धि की गई है। इसके अलावा केंद्रीय बैंक ने मार्च अंत तक के लिए महंगाई दर का अनुमान सात प्रतिशत से बढ़ाकर आठ प्रतिशत कर दिया है। नवम्बर में यह अनुमान 5.5 प्रतिशत घोषित किया गया था। आरबीआई ने कहा, "अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के चलते भविष्य में भी कीमतों पर दबाव के संकेत हैं। इसका असर नियंत्रण मुक्त पेट्रोलियम पदार्थों, कोयला और गैर खाद्य विनिर्मित उत्पादों की कीमतों पर बना हुआ है।" बैंक ने कहा, "मांग आधारित मुद्रास्फीति दबाव और अर्थव्यवस्था के विकास के लिए जोखिम कम करने के अलावा और महंगाई दर पर खाद्य एवं कमोडिटी कीमतों के असर को कम करने के लिए भविष्य में मौद्रिक समीक्षा में नीतिगत कदम जारी रहने के आसार हैं।"