खास बातें
- आरबीआई के तरलता प्रबंधन कार्य का सम्बंध विनिमय दर से नहीं है और न ही रुपये में
- होने वाले उतार-चढ़ाव का प्रत्यक्ष सम्बंध खुला बाजार संचालन से है।
चेन्नई: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के तरलता प्रबंधन कार्य का सम्बंध विनिमय दर से नहीं है और न ही रुपये में होने वाले उतार-चढ़ाव का प्रत्यक्ष सम्बंध खुला बाजार संचालन से है। यह बात एक अधिकारी ने बुधवार को कही।
रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर सुबीर गोकर्ण ने कहा, "मुझे नहीं लगता कि रुपये में होने वाले उतार-चढ़ाव का सम्बंध खुला बाजार संचालन से है। तरलता प्रबंधन कार्य का विनिमय दर से कोई सम्बंध नहीं है।"
गोकर्ण ने यहां 'विजन तमिलनाडु बिल्डिंग सस्टेनेबल टुमारो' सेमिनार से इतर यह बात कही। सेमिनार का आयोजन एसोसिएटेड चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया ने किया था।
गोकर्ण ने साथ ही कहा कि चालू खाता घाटे का असर रुपये पर पड़ता है और चालू खाता घाटा में सुधार करने से मुद्रा में स्थिरता आ सकती है।
मानसून में हो रही देरी पर उन्होंने कहा कि बैंक उसी तरह मानसून का इंतजार कर रहा है, जिस तरह दूसरे लोग।