खास बातें
- भारतीय रिजर्व बैंक ने आगाह किया है कि बढ़ती ब्याज दरों तथा कोष की लागत बढ़ने से बैंकिंग क्षेत्र का मुनाफा प्रभावित हो सकता है।
मुंबई: भारतीय रिजर्व बैंक ने आगाह किया है कि बढ़ती ब्याज दरों तथा कोष की लागत बढ़ने से बैंकिंग क्षेत्र का मुनाफा प्रभावित हो सकता है। रिजर्व बैंक की जारी वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट में कहा गया है, आगे चलकर ब्याज दरें बढ़ने और कोष की लागत में बढ़ोतरी से ऋण की वृद्धि दर प्रभावित होगी, जिससे बैंकों के मुनाफे पर असर पड़ेगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि बचत खातों पर ब्याज दरों में वृद्धि, पेंशन की देनदारियों के एमॉरटाइजेशन (लंबी अवधि तक प्रावधान) और गैर निष्पादित आस्तियों (एनपीए) के लिए प्रावधान बढ़ने से बैंकों का मुनाफा प्रभावित होगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि बैंकों की शुद्ध ब्याज आमदनी बढ़ने से उनका मुनाफा सुधरा है। हालांकि गैर ब्याज आमदनी लगभग स्थिर है। इसमें कहा गया है कि शुद्ध ब्याज आमदनी में वृद्धि ने बैंकिंग प्रणाली के कुल शुद्ध मुनाफे में 20 फीसद का योगदान दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल ब्याज आय में 18.6 प्रतिशत का इजाफा हुआ, जो इससे पिछले साल 7.5 प्रतिशत रहा था। इसी तरह ब्याज खर्च में 10.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो इससे पिछले वर्ष 4 फीसद रही थी। रिपोर्ट में बताया गया है कि 2010-11 में ब्याज आय में 18.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि ऋण और अग्रिम की वृद्धि दर 22.6 प्रतिशत रही। हालांकि इसमें कहा गया है कि सरकारी क्षेत्र के बैंकों का मुनाफा कम रहा है। इसकी वजह व्यापार मुनाफे में कमी, कर्मचारियों के लिए प्रावधान में वृद्धि और कमजोर परिसंपत्तियों पर खर्च है।