यह ख़बर 07 मई, 2012 को प्रकाशित हुई थी

आभूषणों पर उत्पाद शुल्क समाप्त, ‘गार’ पर अमल टला

खास बातें

  • सोने के आभूषण निर्माताओं और निवेशकों की चिंताओं को लेकर संसद के भीतर और बाहर बने दबाव के आगे झुकते हुए वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने आभूषणों पर उत्पाद शुल्क समाप्त कर दिया।
नई दिल्ली:

सोने के आभूषण निर्माताओं और निवेशकों की चिंताओं को लेकर संसद के भीतर और बाहर बने दबाव के आगे झुकते हुए वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने आभूषणों पर उत्पाद शुल्क समाप्त कर दिया।

इसी फैसले के खिलाफ देशभर के तमाम ज्वैलर्स विरोध कर रहे थे और अनिश्चितकालीन हड़ताल पर भी चले गए थे।

बजट में सामान्य कर-परिवर्जन रोधी नियम (गार) को लेकर विदेशी निवेशकों की लगातार बढ़ती चिंता को दूर करते हुए वित्त मंत्री ने गार के प्रावधानों पर अमल एक साल के लिए टाल दिया। उन्होंने कहा कि गार के प्रावधान अब वित्त वर्ष 2013-14 के दौरान होने वाली आय पर लागू होंगे। हालांकि, वोडाफोन मामले में उन्होंने कोई राहत नहीं दी।

वित्तमंत्री ने जनरल एंटी अवॉयडेंस रूल के 2014 से लागू किए जाने की बात कही है। साथ ही संपत्ति की खरीद पर लगाया गया एक प्रतिशत टीडीएस भी हटा लिया गया है।

वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने वित्त विधेयक 2012 को चर्चा के लिए लोकसभा में पेश करते हुए कहा, ‘वर्ष 2012-13 का बजट पेश करने के बाद कर प्रस्तावों में बदलाव और सुधार के बारे में मुझे संसद के भीतर और बाहर से कई सुझाव मिले। कुछ नई राहत पाने के लिए भी आग्रह किए गए। इनमें से कुछ सुझावों को विधेयक में संशोधन के जरिये पूरा करने का मैं प्रस्ताव करता हूं जबकि अप्रत्यक्ष कर से जुड़ी चिंताओं का निदान अधिसूचना के जरिये किया जाएगा।’

वोडाफोन मामले में वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि आयकर कानून में पिछली तिथि से संशोधन का प्रावधान उन्हीं सौदों में असरकारी होगा जहां भारत स्थित संपत्तियों का सौदा निम्न कर अथवा शून्य कर वाले देशों के जरिये किया गया है। उन्होंने कहा कि जिन देशों के साथ भारत की दोहरे कराधान से बचने की संधि हो चुकी है उन देशों में हुए सौदों पर प्रस्तावित संशोधन लागू नहीं होगा। भारत की ऐसी संधि 82 देशों के साथ है।

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गौरतलब है कि वित्तमंत्री राष्ट्रपति पद के मज़बूत दावेदार रूप में सामने आए हैं। ऐसे में वो किसी भी पार्टी को नाराज़ नहीं करना चाहेंगे।