यह ख़बर 23 फ़रवरी, 2012 को प्रकाशित हुई थी

अगले वित्त वर्ष में 7.5 से 8.0 फीसदी वृद्धि की कोशिश : प्रणब

खास बातें

  • वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा कि अगले वित्त वर्ष में सरकार की कोशिश होगी कि आर्थिक वृद्धि दर की रफ्तार बढ़ाकर 7.5 से 8.0 प्रतिशत की जाए जो फिलहाल 7.0 फीसदी के करीब है।
नई दिल्ली:

वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा कि अगले वित्त वर्ष में सरकार की कोशिश होगी कि आर्थिक वृद्धि दर की रफ्तार बढ़ाकर 7.5 से 8.0 प्रतिशत की जाए जो फिलहाल 7.0 फीसदी के करीब है। मुखर्जी ने यहां संवाददाताओं से कहा ‘‘प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (पीएमईएसी) ने अनुमान जाहिर किया है कि चालू वित्त वर्ष में वृद्धि दर 7.0 फीसदी से अधिक रहेगी जबकि अगले वित्त वर्ष में यह 7.5 से 8.0 प्रतिशत रहेगी। हम इस वृद्धि दर को प्राप्त करने की कोशिश करेंगे।’’

पीएमईएसी ने जारी अपनी आर्थिक समीक्षा में अनुमान जाहिर किया कि 2012-13 के दौरान वृद्धि दर 7.5-8 फीसदी रहेगी। चालू वित्त वर्ष के लिए परिषद ने 7.1 फीसदी वृद्धि का अनुमान जाहिर किया जो केंद्रीय सांख्यिकी संगठन (सीएसओ) के 6.9 फीसदी के अग्रिम अनुमान से अधिक है। वित्त वर्ष 2010-11 में अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 8.4 फीसदी थी। मुखर्जी 16 मार्च को लोकसभा में पेश होने वाले बजट में 2012-13 के बजट में अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने वाले कदमों की घोषणा कर सकते हैं। चालू खाता घाटा बढ़ने को लेकर पीएमईएसी की आशंका का हवाला देते हुए मुखर्जी ने कहा ‘‘चालू खाता घाटा चिंता का विषय है। मुझे लगता है कि हम इसका प्रबंधन कर सकेंगे।’’

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com

उन्होंने कहा,  ‘‘हमारे निर्यातित वस्तुओं की सूची और गंतव्य में विविधता आ रही है इसलिए निर्यात को प्रोत्साहन मिलना चाहिए।’’ चालू खाते का घाटा वस्तुओं और सेवाओं के आयात एवं निर्यात तथा विदेशों से मिलने वाली सहायता तथा ब्याज एवं लाभांश के बीच अंतर को बताता है।